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एमपी पुलिस का कारनामा: जो जेल में बंद, उन पर कर दी रामनवमी के दिन हुई हिंसा मामले में एफआईआर

Fri, 15 Apr 2022 07:46 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल/बड़वानी

सार

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में रामनवमी पर हुए उपद्रव मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कई आरोपी तय कर दिए, और आनन-फानन में कई लोगों पर एफआईआर दर्ज करा दी है। अब उस एफआईआर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एफआईआर में तीन लोग ऐसे हैं जो जेल में एक महीने से बंद हैं। पुलिस सारे मामले में फरियादी का हवाला देकर पल्ला झाड़ रही है।
 
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जो पहले से जेल में है, उस एफआईआर की गई, साथ ही उसका घर भी तोड़ दिया गया। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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10 अप्रैल, रामनवमी के दिन जोगवाड़ा रोड पर हुई पत्थरबाजी और आगजनी की घटना में एक बाइक जलने के मामले में 3 लोगों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराई गई है। इसमें शाहबाज, फखरू तथा रउफ 3 लोगों के नाम पर यह फायर दर्ज की गई है। मामले दर्ज होने के बाद जानकारी मिल रही है कि ये तीनों लोग पूर्व से एक प्रकरण में सेंधवा जेल में बंद है, परंतु पुलिस का कहना है कि हमने फरियादी के एफआईआर लिखाए जाने पर उक्त नाम दर्ज किए हैं, जिसमें विवेचना की जाएगी तथा जांच के उपरांत जो भी पाया जाएगा उसमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले में जांच करने की बात कर रही है।
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बता दें कि सेंधवा में हिंसा के दौरान एक एक्टिवा और एक डीलक्स मोटरसाइकिल को आग लगा दी गई थी। पुलिस ने फरियादी राजेश तायल की शिकायत पर शाहबाज शेख, फकरु मंसूरी, रहुफ शेख नामक आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इनमें से एक आरोपी शहबाज की मां शकीना के अनुसार तीनों ही आरोपी 5 मार्च को सेंधवा शहर थाने में हुए एक गोली कांड मामले में पिछले एक माह से सेंधवा उप जेल में ही बंद हैं। वहीं प्रशासन द्वारा दंगाइयों के मकान तोड़ने के दौरान शाहबाज के मकान भी तोड़ा गया है। शाहबाज के छोटे भाई अरबाज को भी पुलिस धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया गया है। शाहबाज की मां का कहना है कि जब हम मकान खाली कर रहे थे उसी टाइम उसे पुलिस उठा के ले गई। हमें मकान खाली करने को तोड़ने के लिए कोई नोटिस भी नहीं दिया गया।
 
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बड़वानी उपद्रव के समय आऱोपी के जेल में होने का दावा किया जा रहा है। - फोटो : सोशल मीडिया
सेंधवा एसडीओपी मनोहर सिंह बारिया का कहना है कि मामले में विवेचना की जाएगी। आरोपी जेल में बंद है या नहीं इस बारे में जेल अधीक्षक से जानकारी ली जाएगी। हमने फरियादी के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की है।
 
मामले में कांग्रेस भी सवाल उठा रही है। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा है कि मैं सिर्फ इसीलिए ही लगातार शासन एवं प्रशासन से मांग कर रहा हूं कि बिना जांच किए कार्रवाई न करे। अब मामला बड़वानी जिले के सेंधवा का है जिसे आरोपी बनाकर उसके घर पर बुलडोजर चलाया वो पहले से ही जेल में बंद है। शिवराज जी फिर मप्र में न्यायपालिका व्यवस्था को खत्म ही करवा दीजिए।
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