केंद्र की स्मार्ट सिटी परियोजना के विरोध में यहां एक पारंपरिक कपड़ा बाजार के कारोबारियों ने मंगलवार को अपनी दुकानों के बाहर 'हमारी भूल, कमल का फूल' के पोस्टर लगाए। परियोजना के तहत इस बाजार की सड़क चौड़ी करने के लिए भाजपा शासित इंदौर नगर निगम कई बाधक निर्माणों को तोड़ने की तैयारी कर रहा है।
सीतलामाता कपड़ा बाजार व्यापारी संघ के सचिव पप्पू सिकची ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, 'हम शहर की महापौर व क्षेत्रीय भाजपा विधायक मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़ से लेकर नगर निगम के आला अफसरों तक से निवेदन कर चुके हैं कि स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर हमारे पारंपरिक बाजार में तोड़फोड़ न मचाई जाए लेकिन हमारी कहीं सुनवाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, विरोध प्रदर्शन के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं है। इसलिए हमारे बाजार की करीब 100 दुकानों पर 'हमारी भूल, कमल का फूल' के पोस्टर लगाए गए हैं। सिकची ने कहा, 'अगर सड़क चौड़ी करने के नाम पर सीतलामाता बाजार की दुकानों को तोड़ा गया, तो करीब 400 दुकानदार बर्बाद हो जाएंगे।
अगर स्मार्ट सिटी बनाई ही जानी है, तो इसे शहर के बाहर विकसित किया जाए। स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर शहर के पारम्परिक बाजारों को क्यों उजाड़ा जा रहा है? नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत जयरामपुर कॉलोनी से गोराकुंड इलाके के बीच सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर 60 फुट की जानी है और सीतलामाता बाजार इसी मार्ग में आता है। अधिकारियों ने कहा कि हफ्ते भर में इस मार्ग के बाधक निर्माणों को हटाए जाने की योजना है, ताकि सड़क को चौड़ा किया जा सके।