केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि भारत को 2024 तक 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य मुश्किल है, लेकिन इसे पाना असंभव नहीं है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री ने कहा कि इस लक्ष्य को घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी करते हुए और आयात पर निर्भरता को घटाकर हासिल किया जा सकता है।
गडकरी ने यहां इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन की 29वीं अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन संगोष्ठी में कहा कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए बेहद अहम होती है। उन्होंने कहा, इसी इच्छाशक्ति को दिखाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें देश को 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलने का लक्ष्य दिया है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को 2024 तक 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की बात अपने संबोधनों में करते रहते हैं।
गडकरी ने कहा, यह लक्ष्य मुश्किल है, लेकिन असंभव नहीं है। हमारे देश में संसाधन और उत्पादन क्षमता प्रचुर मात्रा में है। इसके बावजूद हम हर साल दवाइयों, चिकित्सकीय उपकरणों, कोयला, तांबा, कागज आदि उत्पादों के आयात में करोड़ों रुपये खर्च करते हैं। उन्होंने कहा, यदि हमें 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है तो हमें इन सभी चीजों को आयात करने के बजाय इनका घरेलू उत्पादन बढ़ाना होगा। इससे 5 करोड़ नौकरियां भी पैदा होंगी।
व्यापार चक्र का हिस्सा है धीमी अर्थव्यवस्था
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने अर्थव्यवस्था में आई वर्तमान मंदी को व्यापार चक्र का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, हम दुनिया की सबसे तेज गति से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था हैं। लेकिन व्यापार में एक चक्र है। कभी वैश्विक अर्थव्यवस्था के कारण और कभी-कभी मांग व सप्लाई के अंतर के कारण चुनौतियां पैदा होती हैं। लेकिन में भारत का भविष्य युवा पीढ़ी के नेताओं में देख रहा हूं, जो मुश्किलों व चुनौतियों को मौकों में तब्दील कर लेते हैं।