विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि लोगों को लगना चाहिए कि शासन बदल गया है। सरकार तो यह संदेश देगी ही लेकिन कार्यकर्ता भी यह संदेश दे कि सरकार बदल गई है।
वहीं खनन और इस्पात मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सुषमा स्वराज की तुलना अटल बिहारी वाजपेयी से करते हुए कहा कि ग्वालियर से सांसद के रूप में वाजपेयी जैसे विदेश मंत्री बने थे, वैसे ही अब सुषमा स्वराज विदिशा से सांसद बनकर विदेश मंत्री बनी हैं।
भोपाल में जन-जन अभिनंदन कार्यक्रम में मोदी मंत्रिमंडल के चारों सदस्य सुषमा स्वराज, नजमा हेपतुल्ला, नरेंद्र सिंह तोमर इस मौके पर उपस्थित थे। कार्यक्रम में विभिन्न नेताओं ने कार्यकर्ताओं को जीत का श्रेय दिया।
सुषमा स्वराज
म.प्र. में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनाने का काम जिस जनता ने किया है, उसका अभिनंदन करता है। विदिशा संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को तो एक चुनौती मिल गई थी। शिवराज जी के दस हजार वोटों का बोनस भी दे दिया।
देश की जीत ने तो राजनीतिक पंडितों का आकलन फेल कर दिया। 1984 में एक पार्टी के बहुमत की सरकार बनी थी। कभी गठबंधन और कभी अल्पमत की सरकार तीस साल से बनती रही। राजनीतिकशास्त्री टिप्पणी करते थे कि बीस साल तक गठबंधन की सरकारें चलेंगी।
कांग्रेस के कुशासन के प्रति लोगों के मन में गुस्सा था। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के रूप में प्रभावी विकल्प के रूप में स्वीकार किया। एक नया सूर्य उदय हुआ है। शिवराज जी के भी अच्छे दिन आ गए हैं। जितनी बड़ी विजय, उतनी बड़ी जिम्मेदारी। जिस तरह से यौवन ने वोट किया है, यौवन अधीर भी हो जाता है, उसे तुरंत नतीजे चाहिए, उसे लगे कि सरकार सही दिशा में चल पड़ेगा। युवक परखेगा कि क्या वाकई सरकार बदल गई है।
सरकार यह संदेश देगी कि हां बदल गया है। लेकिन कार्यकर्ता भी यह संदेश दे कि सरकार बदल गई है। कार्यकर्ता यह साबित करे कि तनिक भी भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेंगे।
शिवराज सिंह चौहान
कार्यकर्ताओं के परिश्रम के कारण जीत संभव हुई है। यह विश्वास दिलाता हूं कि परिश्रम की परिकाष्ठा करेंगे। अब केंद्र में हमारी सरकार है। केंद्र में कैबिनेट में चार मंत्री हैं।
अब दिल्ली की ओर रोज दौड़ लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मध्य प्रदेश का जो हिस्सा बनता है, वो मिल जाए। इतना नुकसान होने के बाद भी कृषि विकास दर इस साल 24.99 फीसदी आई है।
असंभव सा दिखने वाला लक्ष्य हासिल किया है। पंजाब ही आगे बचा। सबको पीछे छोड़ दिया है। ओले नहीं गिरे नहीं होते तो पंजाब को पीछे छोड़कर म.प्र. सबसे आगे हो जाता।
आने वाले दिनों में पूरे हिंदुस्तान का पेट म.प्र. भर सकेगा। जहां भी पानी रोका जा सकता है, पानी रोककर किसानों को सिंचाई सुविधा देंगे।
नरेंद्र तोमर
शिवराज जी ने जब से कार्य आरंभ किया है विकास की नई बहार आई है। कृषि की विकास दर 19 फीसदी हो गई थी। शिवराज जी ने जब तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में काम किया तो म.प्र. की विकास दर 19 फीसदी से ज्यादा हो गई है।
सुषमाजी देश में कहीं से भी सांसद बन सकती थीं, लेकिन उन्होंने म.प्र. की जनता की सेवा करने का निर्णय किया तो नेता प्रतिपक्ष रहते हुए भी संसद में देश की समस्याओं को उठाया।
यूपीए सरकार जब प्रदेश सरकार से भेदभाव करती थी, उस समय मुख्यमंत्री तो प्रयास करते ही थे, सुषमा जी के नेतृत्व में सभी सांसद भी प्रयास करते थे। एक समय अटल बिहारी वाजपेयी ग्वालियर से सांसद थे और विदेशमंत्री बने थे, अब यही काम सुषमा स्वराज कर रही हैं।
हमें अपना कुछ चलन बदलने की आवश्यकता है। जनता सरकार से तो प्रदर्शन चाहती है, वहीं पार्टी का भी प्रदर्शन भी चाहती है। पार्टी का प्रदर्शन पार्टी के अध्यक्ष से लेकर वार्ड के अध्यक्ष तक के चलन में दिखेगा।