नाबालिग से दुराचार मामले में आरोपी आसाराम के समर्थन में जहां हजारों की भीड़ दिख रही है वहीं उनके कुछ समर्थकों का आसाराम से विश्वास भी उठ गया और वे उनसे दूरी बनाने लगे हैं।
मध्य प्रदेश में उज्जैन के एक माहेश्वरी परिवार ने असाराम को आश्रम के लिए आठ बीघा जमीन दी थी लेकिन अब वे जमीन वापस लेना चाहते हैं।
परिवार का कहना है कि उन्हें रेप मामले के बाद अपने दान का उद्देश्य पूरा होता नहीं दिखता। इससे उनकी भावनाओं को चोट पहुंची है।
आसाराम क्यों नहीं चाहते ब्लड-यूरिन टेस्ट?
करीब 20 साल पहले मावा व्यापारी पन्नालाल महेश्वरी की मंगलनाथ रोड पर दान की गई जमीन पर आसाराम का आश्रम बनाया गया है। यहां पर आश्रम का कुछ निर्माण हो गया है और खेती का काम भी चल रहा है। आसाराम भी खुद यहां आया करते थे।
महेश्वरी परिवार का कहना है कि आसाराम को लेकर सामने आई बातों से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने यह जमीन धार्मिक भावनाओं से दी थी। वह जल्द ही इस सिलसिले में जिला कलेक्टर से मिलने वाले हैं।
इस दौरान प्रशासन भी जमीन पर आसाराम के अवैध कब्जों पर कार्रवाई करने की योजना बना रहा है।
नार्को टेस्ट से क्यों डर रहे आसाराम
आसाराम के आश्रम पर जड़ा ताला
आसाराम के आश्रमों के लिए जमीन पर अवैध कब्जों के मामलों के बीच राजस्थान में आसाराम के सरमथुरा स्थित आसाराम चैरिटेबल ट्रस्ट आश्रम पर प्रशासन ने ताला लगा दिया है।
इस आश्रम में रह रहे सेवादार भी अपना सामान लेकर कहीं और चले गए हैं।
बताया जा रहा है कि वर्ष 1995 में इस चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा कर आसाराम का आश्रम बनाया गया था।
आसाराम के जेल जाने के बाद राज्य में उनके आश्रमों की जांच पड़ताल करने पर इस जमीन के अवैध कब्जे की जानकारी मिली।