पिछले दिनों से कई ऐसी खबरें आ रही हैं कि इंदौर से आठ बार चुनाव जीत चुकीं सुमित्रा महाजन शायद इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगी। मगर भाजपा नेतृत्व ने अभी इस लोकसभा सीट के लिए कोई उम्मीदवार तय नहीं किया है। यहां 19 मई को यानी आखिरी चरण में चुनाव होने वाले हैं।
कांग्रेस ने भी इस सीट से किसी उम्मीदवार के नाम का एलान नहीं किया है। उसका कहना है कि भाजपा के बाद वह भी उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर देंगे। महाजन अगले महीने 76 साल की होने वाली हैं। भाजपा ने अपने नेताओं के लिए सक्रिय राजनीति में हिस्सा लेने के लिए 75 साल की उम्रसीमा तय कर रखी है।
इंदौर से महाजन के नाम की घोषणा में होने वाली देरी को लेकर मध्यप्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कई संकेत दिए हैं जिसने उनकी उम्मीदवारी को लेकर अनिश्चितता पैदा कर दी है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार रविवार को वह इंदौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मैं भी चौकीदार' कार्यक्रम से नदारद रहीं। दिल्ली में हुए इस कार्यक्रम का पूरे देशभर में प्रसारण हुआ था और 500 जगह के लोग प्रधानमंत्री से जुड़े थे।
इसके अलावा वह कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने ट्विटर पर अपने नाम के आगे चौकीदार शब्द नहीं जोड़ा है। मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 18 पर भाजपा अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। इंदौर भाजपा का गढ़ है। कुछ दिनों पहले महाजन ने यह संकेत दिया था कि वह अपना आखिरी चुनाव लड़ चुकी हैं।
हालांकि रविवार को उन्होंने खुद को रेस से बाहर न करने की बात कही। उन्होंने कहा, 'संगठन सही समय पर सही निर्णय लेगा।' पिछले हफ्ते पार्टी की बैठक में महाजन ने कहा, 'या तो मैं या फिर नरेंद्र मोदी इंदौर से चुनाव लड़ेंगे।' 2014 में वह इंदौर से 4.66 लाख वोटों से जीती थीं। इससे पहले 2009 में उन्हें केवल 11,480 वोटों से जीत मिली थी।