सामाजिक कार्यकर्ता पी वी राजगोपाल
- फोटो : twitter
प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता पी वी राजगोपाल ने केंद्र सरकार और नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों के बीच मध्यस्थता का प्रस्ताव बुधवार को पेश किया और कहा कि वह किसानों के समर्थन में मुरैना से दिल्ली के लिए बृहस्पतिवार को पदयात्रा शुरू करेंगे।
नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हजारों किसान पिछले 21 दिनों से दिल्ली के कई बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। राजगोपाल एकता परिषद के प्रमुख हैं। राजगोपाल ने ग्वालियर में मीडिया से बात करते हुए कहा, हालांकि, किसी ने मुझे मध्यस्थता के लिए कहा नहीं है, लेकिन पिछले 20 दिन से किसान ठंड में बैठे हैं और इस मामले में संवाद शुरू करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि वह कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के संसदीय क्षेत्र मुरैना से एक हजार किसानों को लेकर 17 दिसंबर को पैदल दिल्ली की ओर रवाना होंगे। राजगोपाल ने कहा कि पिछले 20 दिन में कोई समाधान नहीं निकला है। देश के किसानों की बात सरकार को सुननी चाहिए और इसमें वह मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि सरकार और किसान दोनों ही उनकी बात नहीं सुनें, लेकिन किसानों की समस्याएं हैं और उनके साथ बात जरुर होनी चाहिए।