सिंगरौली में किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है।
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सिंगरौली जिले के मोरवा थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया है।
जानकारी अनुसार घटना 11 अक्टूबर की रात की है। पीड़िता अपनी मां के साथ घर के पास आयोजित रामलीला देखने गई थी। रात करीब 11 बजे मां के साथ लौटते समय पेट में दर्द होने पर वह शौच के लिए चली गई। इसी दौरान आरोपियों ने उसे कथित तौर पर पकड़कर खेत की ओर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पीड़िता अपनी मां के साथ मोरवा थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 529/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(1), 70(2), 351(3), 3(5) तथा पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
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सूचना मिलते ही पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस के मुताबिक घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी भागने की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सूरज सिंह उर्फ कैशराम सिंह गोड़ पिता लाले सिंह गोड़ और जितेंद्र सिंह पिता जिया सिंह दोनों निवासी चुरकी बौरा टोला, थाना मोरवा, जिला सिंगरौली को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, एक अन्य विधि विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शियाज के.एम. के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के मार्गदर्शन और एसडीओपी अमित कुमार के नेतृत्व में की गई। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई में थाना प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह सहित उपनिरीक्षक एन.पी. तिवारी, सहायक उपनिरीक्षक जयराम प्रसाद गुप्ता, महिला आरक्षक नुरली शिशोदिया, गायत्री उइके, आरक्षक सर्वेश यादव, अमित द्विवेदी, रियाज़ आलम एवं संजू दूर्वे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।