मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई। यहां पिकनिक मनाने के लिए पहुंचे एक डॉक्टर के साथ अन्य डॉक्टर परिवार की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब नॉर्दर्न कोल फील्ड लिमिटेड (एनसीएल) के डॉक्टर की नदी में डूबने से मौत हो गई। डॉक्टर शव मिल गया, जबकि एक 13 साल की बच्ची लापता है। डॉक्टर नदी में डूब रही बच्ची और उसके पिता को बचाने उतरे थे। पिता को तो बचा लिया, लेकिन खुद डूब गए। बच्ची की तलाश में एसडीईआरएफ की टीम रवाना हो गई है।
घटना रविवार दोपहर में लांघाडोल थाना क्षेत्र में गोपद नदी की है। डॉ. हरीश सिंह (37) केंद्र सरकार की कंपनी एनसीएल में स्थित जयंत अस्पताल में डॉक्टर हैं। वह रविवार को अन्य डॉक्टर फैमिली और अफसरों के साथ देउरदह घाट मंदिर पर पिकनिक मनाने पहुंचे थे। डॉक्टर रिटायर्ड डॉ. प्रवीण मुंडा (63) अपनी बेटी प्रेरणा मुंडा (13) के साथ गोपद नदी में नहाने उतरे थे। दोनों पिता-पुत्री नदी में डूबने लगे। यह देखकर डॉ. हरीश सिंह और डॉ. डीजे बोरा उन्हें बचाने के लिए नदी में कूदे। चूंकि पानी का बहाव तेज था। उन्होंने मिलकर डॉ. प्रवीण मुंडा को तो सुरक्षित बचा लिया। हरीश सिंह बच्ची को बचाने के लिए दोबारा नदी में उतरे। तेज बहाव के कारण खुद ही डूब गए।
गोताखोरों की मदद से उनका शव निकाला गया। यह हादसा जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर का है। जिला मुख्यालय बैढ़न से 14 सदस्यीय एसडीईआरएफ की टीम शाम करीब 6 बजे घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। टीम करीब 8:30 बजे देउरहद घाट पहुंचेगी। पुलिस का कहना है कि पहले रात में ही हाइड्रोन लगवाकर बच्ची को तलाश करने की कोशिश की जाएगी। संभव नहीं हुआ, तो सुबह जल्दी तलाशी अभियान शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, घटनास्थल से करीब 30 किलोमीटर दूर जेपी पावर प्लांट का स्टॉप डैम को जाली लगाकर रोकने का प्रयास किया जाएगा, जिससे शव बह न सके।
लांघाडोल थाना प्रभारी पुष्पेंद्र धुर्वे ने बताया कि NCL के नेहरू अस्पताल में पदस्थ तीन डॉक्टरों का परिवार आज दोपहर पिकनिक मनाने आया था। लगभग ढाई बजे दोपहर यह हादसा हो गया। जिसमें पांच लोग नदी के तेज बहाव में बह गए। जिनमें से तीन लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया है। वहीं, डॉक्टर हरीश सिंह की पानी में डूबने की वजह से मौत हो गई। डॉ. मुंडा की बेटी प्रेरणा मुंडा लापता है।