पाकिस्तान से लौटी गीता(फाइल फोटो)
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पाकिस्तान से पांच साल पहले भारत लौटी मूक-बधिर युवती गीता के बिछड़े परिवार को लेकर एक नया मामला सामने आया है। दरअसल एक संगठन ने जानकारी दी है कि इशारों की जुबान में गीता से कई दौर की बातचीत के दौरान उसके मूल निवास स्थान की भौगोलिक पृष्ठभूमि के बारे में कुछ अहम संकेत मिले हैं। ये संकेत महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले एवं इससे सटे तेलंगाना की ओर इशारा करते हैं। वहीं संगठन ने परिवार के तेलुगु भाषी होने के भी संकेत दिए हैं।
बिछड़े परिवार की खोज के लिए यह गैर सरकारी संगठन तेलंगाना और इसके पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में जल्द ही अभियान शुरू करेगा। राज्य के सामाजिक न्याय एवं नि:शक्त जन कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि दिव्यांगों की मदद के लिए चलाई जा रही आनंद सर्विस सोसाइटी शहर में गीता की देख-रेख कर रही है।
गौरतलब है कि तेलंगाना से भौगालिक नजदीकी के कारण महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में भी कई लोग तेलुगु भाषा बोलते हैं। अधिकारियों के मुताबिक अब तक देश के अलग-अलग इलाकों के 10 से ज्यादा परिवार गीता को अपनी लापता बेटी बता चुके हैं, लेकिन सरकार की जांच में इनमें से किसी भी परिवार का मूक-बधिर लड़की पर दावा साबित नहीं हो सका है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल गीता की उम्र 30 साल के आस-पास आंकी जा रही है। वह बचपन में गलती से रेल में सवार होकर सीमा लांघने के कारण करीब 20 साल पहले पाकिस्तान पहुंच गई थी। पाकिस्तानी रेंजर्स ने गीता को लाहौर रेलवे स्टेशन पर समझौता एक्सप्रेस में अकेले बैठा हुआ पाया था।