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Sidhi News: विधायक ने पार्टी कार्यालय पर चलवाया बुलडोजर, चित्रकूट में दिखा भाजपा का अंदरूनी संगठनात्मक तनाव

Sun, 21 Dec 2025 09:45 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीधी

सार

चित्रकूट में भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार द्वारा भाजपा कार्यालय की जमीन पर बुलडोजर चलवाए जाने से सियासी विवाद खड़ा हो गया। जिला अध्यक्ष ने बिना सूचना कार्रवाई का आरोप लगाया। संगठनात्मक प्रक्रिया की अनदेखी और आपसी टकराव ने भाजपा की आंतरिक राजनीति को उजागर किया।

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बुलडोजर कार्रवाई। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चित्रकूट में भाजपा का अंदरूनी संगठनात्मक तनाव सामने आया है। यहां भाजपा के ही एक नेता के खिलाफ भारी राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने चित्रकूट भाजपा कार्यालय की जमीन पर ही बुलडोजर चलवा दिया।

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जानकारी के अनुसार स्थानीय प्रशासन झिरिया स्थित अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई कर रहा था। कार्रवाई का उद्देश्य सिविल लाइन थाना क्षेत्र के झिरिया शराब दुकान के बगल में अवैध रूप से कब्जाई गई भूमि को हटाकर वैध पक्षकार को कब्जा दिलाना था। न्यायालय के आदेश के तहत इस कार्रवाई को सही ठहराया जा रहा था। पहले सामने की भूमि का विवाद न्यायालय में विचाराधीन था और वहां न्यायालय ने निर्णय लेते हुए अवैध कब्जा हटाने का आदेश पारित किया था।

पहले जमीन के सामने वाले हिस्से पर अवैध कब्जा हटाया गया और वैध पक्षकार को उसी का हक दिलाया गया। इसके बाद पीछे की भूमि जो भाजपा कार्यालय का पुराना हिस्सा थी और जिसका स्वामित्व संगठन के पास था, उसको भी हटाया जा रहा था। इसी दौरान मौके पर पहुंचे भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने कार्रवाई को रोकने की मांग की और आपत्ति दर्ज करवाई। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन या उन्हें किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई, जबकि सामने वाले भूखंड के नोटिस और वाद के दौरान केवल मालिक पक्ष को बताया गया था।
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जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि न्यायालय के आदेश के तहत पहले जमीन का निर्णय सामने आया था। उसके बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना के विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने भाजपा कार्यालय के पुराने हिस्से पर बुलडोजर चलवा दिया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा रही, जिससे माहौल तनावपूर्ण और राजनीतिक रूप से उथल-पुथल भरा हो गया।

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जानकारी के अनुसार झिरिया में स्थित उस भवन के एक हिस्से पर अवैध कब्जे के खिलाफ 2016 में विधायक गहरवार ने न्यायालय में वाद दायर किया था, जिसमें न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला देते हुए कब्जा वैध पक्षकार को दिलाने का आदेश पारित किया था। इसी आदेश के आधार पर कब्जा हटाने की कार्रवाई की जा रही थी।
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इस पूरे विवाद पर बीजेपी के भीतर सूचना अभाव, संगठनात्मक प्रक्रिया की अनदेखी और विधायक के फैसले पर आपत्ति का मुद्दा उभरता दिख रहा है, जिससे पार्टी की भीतरी साख और राजनीतिक संगठित ढांचे पर सवाल उठे हैं। जिला अध्यक्ष ने एफआईआर दर्ज करने की बात कही है और पार्टी के भीतर इस घटना को लेकर गहन समीक्षा की जा रही है।

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