सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र की सिहावल पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम बलहया में एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। एक माह के नाती की मौत से गहरे सदमे में पहुंचे एक बुजुर्ग ने कथित रूप से गुस्से में अपने पूर्वजों द्वारा निर्मित मंदिर में स्थापित भगवान हनुमान की प्रतिमा को खंडित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार ग्राम बलहया निवासी रामभुवन द्विवेदी (46 वर्ष), पिता नारायण प्रसाद द्विवेदी के एक माह के नाती का अस्पताल में उपचार चल रहा था। परिवार ने बच्चे के स्वस्थ होने की कामना को लेकर अपने पूर्वजों द्वारा निर्मित मंदिर में स्थापित भगवान बजरंगबली से मन्नत मांगी थी कि यदि बच्चा स्वस्थ हो जाएगा तो पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन कराया जाएगा।
लेकिन इलाज के दौरान मासूम की मौत हो गई। इस दुखद घटना से रामभुवन द्विवेदी गहरे मानसिक आघात में आ गए। बताया जा रहा है कि वह सीधे मंदिर पहुंचे और भावनात्मक आवेश में भगवान हनुमान की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद वह मंदिर परिसर में ही बैठकर विलाप करने लगे।
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घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने सिहावल पुलिस चौकी को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने नाती की मौत के सदमे और मानसिक तनाव के चलते यह कदम उठाया।
सिहावल चौकी प्रभारी उप निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में नाती की मौत से उत्पन्न मानसिक आघात के कारण घटना होना सामने आया है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 एवं 299 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा विवेचना के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद गांव में चर्चा का माहौल है। एक ओर मासूम की मौत से परिवार शोक में डूबा है, वहीं मंदिर में हुई तोड़फोड़ की घटना ने पूरे क्षेत्र में लोगों को स्तब्ध कर दिया है।