फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीधी: 7वीं की छात्रा की कराई जा रही थी गुपचुप शादी, महिला एवं बाल विकास अधिकारियों ने रुकवाया विवाह

Wed, 04 May 2022 01:36 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीधी

सार

सीधी जिले में एक नाबालिग छात्रा की शादी कराई जा रही थी, बाल विवाह की जानकारी लगने पर महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर नाबालिग का विवाह रुकवाया गया।
विज्ञापन
परिजनों को समझाते महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सीधी जिले के कुसमी में एक 14 साल की नाबालिग की शादी कराई जा रही थी, महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बाल विवाह रुकवाया। वहीं विभाग ने परिजनों को बाल विवाह न करने और इसके अपराध होने की जानकारी दी। 
विज्ञापन


दरअसल कुसमी तहसील के ग्राम देवार्थनौढिया में नाबालिग किशोरी के विवाह की तैयारियां चल रही थीं। 4 मई को घर में बरात आने वाली थी। इसी दौरान गांव में ही चर्चा होने लगी कि लड़की नाबालिग है और उसकी विवाह की उम्र नहीं हुई है। यह बात प्रशासन तक पहुंच गई। सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी पुलिस अमले के साथ 3 मई को लड़की के घर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की। 

शैक्षणिक दस्तावेजों से नाबलिग होने की पुष्टि हुई 
महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों ने बालिका की उम्र की पुष्टि के लिए शैक्षणिक दस्तावेजों, आधार कार्ड की जांच की, जिसके आधार पर बालिका की उम्र 14 वर्ष निकली। बालिका माध्यमिक शाला देवार्थनौढिया के कक्षा सातवीं में अध्ययनरत है। बच्ची के नाबालिग होने के चलते अधिकारियों ने परिजनों को उसका विवाह न कराने के लिए समझाया और बाल विवाह को रोका गया।
विज्ञापन


महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी अनुसुइया वाजपेई ने बताया कि सूचना मिली थी कि ग्राम देवार्थनौढिया में नाबालिग लड़की की शादी हो रही है। जिस पर शादी रुकवाने टीम पहुंची। जांच में पाया गया कि लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है और वह 14 वर्ष की है। परिजनों को समझाकर बाल विवाह रुकवाया गया है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें