शिवरात्रि के शुभ अवसर पर मंगलवार को जगह-जगह शिव भगवान की पूजा-अर्जना की जाएगी। सड़कों पर कांवड़ियां जल लेकर अपने-अपने गंतव्य की तरफ बढ़ रहे हैं। सावन माह में जगह-जगह शिव महापुराण कथा का भी आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में सीहोर में दूसरे साल सवान माह में भगवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा के द्वारा 7 दिवसीय शिव महापुराण का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने आह्वान किया कि विश्वभर में घर-घर पार्थिव शिवलिंग का निर्माण होगा।
उन्होंने कहा कि रात सात बजे से अत्यंत शुभ मुहूर्त में घरों में पार्थिव शिवलिंग बनाकर उनका रुद्राभिषेक करने से काफी फायदे होंगे। घर में सुख शांति के साथ वैभव बना रहेगा। उन्होंने कहा कि माता पार्वती और मां गंगा दोनों ही भगवान शिव के चरण छू रही है। जिससे इस साल सावन की शिवरात्रि का विशेष महत्व है। साथ ही सामूहिक रूप से पूजा करने से तत्काल फल मिलता है। उन्होंने कहा कि, कोविड के दौरान आस्था के साथ भव्य आयोजन किया गया था, देश ही नहीं विश्व में भी श्रद्धालुओं के द्वारा करोड़ों पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर पूजन किया गया था। इस बार और अधिक उत्साह दिखाई दे रहा है।
महाशिवरात्रि का बड़ा है महत्व
चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में शिव महापुराण के द्वारा भागवत भूषण पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव भक्तों के लिए महाशिवरात्रि का बड़ा महत्व होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मध्य रात्रि को भगवान शिवलिंग रूप में प्रकट हुए थे। माना जाता है कि इसी समय ब्रह्मा और विष्णु के द्वारा पहली बार शिवलिंग का पूजन किया गया था।
साल में आती हैं एक महाशिवरात्रि और 11 शिवरात्रि
तभी से हर साल एक महाशिवरात्रि और 11 शिवरात्रियां पड़ती हैं। मासिक शिवरात्रि हर माह में एक बार आती है। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन शिवरात्रि पर भगवान की पूजा अर्जना की जाती है। मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं और शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी, सरस्वती, इंद्राणी, गायत्री, सावित्री, पार्वती और रति ने शिवरात्रि का व्रत किया था और शिव कृपा से अनंत फल प्राप्त किए थे।
हर-हर महादेव, घर-घर महादेव की तर्ज पर पूर्ण विधि-विधान के साथ शिवलिंगों का होगा निर्माण
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा के एक आह्वान पर पिछले साल भी देश हीं नहीं बल्कि विदेशों में भी हर-हर महादेव, घर-घर महादेव की तर्ज पर पूर्ण विधि-विधान के साथ शिवलिंगों का निर्माण किया गया था। साथ ही जलाभिषेक भी। इस साल भी शिक्त भगत उत्साह के साथ पार्थिक शिवलिंगों का निर्माण करेंगे।