मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में पहले दौर में शामिल 23 मंत्रियों को विभागों का बंटवारा कर दिया गया है।
विभागों के बंटवारे में मुख्यमंत्री ने काफी मेहनत की है। करीब तीन दिनों के सोच विचार के बाद यह कोशिश की गई है कि वरिष्ठ मंत्रियों के विभाग बदलने में उन्हें बुरा नहीं लगे। वरिष्ठ मंत्रियों की भावनाओं को आहत किए बिना मुख्यमंत्री ने कई मंत्रियों का कामकाज बड़ी चतुराई से बदल दिया है।
नगरीय प्रशासन से खास प्रेम रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्री को गृह और जेल मंत्रालय देकर उन्हें खुश कर दिया है। वहीं जिन उमाशंकर गुप्ता से गृह विभाग वापस लिया गया, उन्हें भी उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा व कौशल उन्नयन देकर उनका रुतबा बरकरार रखा गया है।
जयंत मलैया के बारे में पहले ही माना जा रहा था कि वित्त मंत्रालय उन्हें सौपा जाएगा। यह मंत्रालय पिछली सरकारों में राघवजी के पास रहा था। दतिया से आने वाले नरोत्तम मिश्रा खासे फायदे में रहे हैं। अनूप मिश्रा के हारने के बाद नरोत्तम मिश्रा के पास स्वास्थ्य और स्वास्थ्य शिक्षा के साथ ही संसदीय कार्यमंत्रालय भी दिया गया है। सिंधिया घराने की यशोधरा राजे सिंधिया के पास भी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय आ गया है।
19 कैबिनेट मंत्री
बाबूलाल गौर गृह एवं जेल
जयंत मलैया वित्त व वाणिज्यकर
गोपाल भार्गव-पंचायत, ग्रामीण विकास व सहकारिता
गौरीशंकर शेजवार- वन, जैवप्रौद्योगिकी
कैलाश विजयवर्गीय- नगरीय प्रशासन
सरताज सिंह- पीडब्ल्यूडी
नरोत्तम मिश्रा- स्वास्थ्य, संसदीय कार्यमंत्री, विधि व विधायी, चिकित्सा शिक्षा
विजय शाह- खाद्य व नागरिक आपूर्ति
गौरीशंकर बिसेन- कृषि व जलसंसाधन
उमाशंकर गुप्ता- उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा
कुसुमसिंह महदेले- पशुपालन, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण
यशोधरा राजे सिंधिया- वाणिज्य और उद्योग
पारस जैन- स्कूली शिक्षा
राजेंद्र शुक्ला- जनसंपर्क, खनिज, ऊर्जा
अंतरसिंह आर्य- श्रम, पिछड़ावर्ग विकास
रामपाल सिंह- पीएचई व राजस्व
ज्ञानसिंह- आदिम जाति व जनजाति कल्याण
मायासिंह- महिला व बालविकास विभाग
भूपेंद्र सिंह ठाकुर- परिवहन व आईटी
4 राज्यमंत्री
दीपक जोशी- स्कूली व उच्च शिक्षामंत्री
लालसिंह आर्य- नर्मदा घाटी विकास विभाग
सुरेंद्र पटवा- संस्कृति व पर्यटन