शिवपुरी जिले के पिछोर विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को रतनगढ़ माता के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की आस्था एक दुखद हादसे में तब्दील हो गई। करीब 15 से 20 श्रद्धालु काली पहाड़ी गांव से पैदल यात्रा करते हुए माता के दर्शन को निकले थे। लेकिन गुराही नदी पर बनी पुलिया पर तेज बहाव ने इस यात्रा को संकट में डाल दिया।
जब ये श्रद्धालु गढरौली के पास स्थित गुराही नदी की पुलिया पार कर रहे थे, उसी दौरान चार लोग पानी के तेज बहाव में बह गए। इनमें वंदना लोधी, दिलकिस (16), पूनम (14) और विजय राम लोधी (28) शामिल थे। अचानक आई तेज धार के कारण वे संतुलन खो बैठे और नदी में गिर गए।
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स्थानीय ग्रामीणों ने बचाए गए तीन श्रद्धालु
हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत तत्परता दिखाई और रस्सियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। ग्रामीणों के प्रयास से दिलकिस, पूनम और विजय राम को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। लेकिन वंदना लोधी को बचाया नहीं जा सका। तेज बहाव में बह जाने के कारण उनका शव कुछ समय बाद बरामद किया गया।
बरसात में लचर प्रशासनिक तैयारी, फिर उठा सवाल
इस घटना ने एक बार फिर जिला प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बरसात के मौसम में अधिकांश नदी-नालों पर तेज बहाव की स्थिति बन जाती है, इसके बावजूद न तो चेतावनी बोर्ड लगाए जाते हैं, न ही पुल-पुलियों पर निगरानी की कोई स्थायी व्यवस्था की जाती है। ऐसे में लोग अनजाने में खतरा मोल लेते हैं और नतीजतन जानलेवा हादसे हो जाते हैं।
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श्रद्धालुओं की लापरवाही भी बनी कारण
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कई बार चेतावनी के बावजूद श्रद्धालु ऐसे रास्तों से गुजरने की जिद करते हैं। बरसात के मौसम में नदी-नालों के उफान पर होने की स्थिति को देखते हुए लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।