शिवपुरी जिले के बदरवास में सरकारी खाद्यान्न के कथित अवैध भंडारण और परिवहन का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त जांच टीम ने एक ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम से करीब 300 क्विंटल सरकारी चावल बरामद किया। मौके पर चावल को ट्रक में लोड किए जाने की तैयारी चल रही थी। प्रशासन ने गोदाम को सील करने के साथ ही चावल से भरे ट्रक को भी जब्त कर लिया।
कार्रवाई के दौरान बरामद वाहन को बदरवास थाना पुलिस की निगरानी में रखवाया गया है। प्रशासन की जांच के आधार पर रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के संचालक सचिन मंगल पिता ब्रजेश मंगल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले में सरकारी खाद्यान्न के स्रोत और उसके रखरखाव से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
सूचना के बाद गोदाम पहुंची संयुक्त टीम
सरकारी चावल के भंडारण की सूचना के बाद तहसीलदार सचिन भार्गव के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम पहुंची। टीम में जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे, सहायक आपूर्ति अधिकारी जसराम जाटव, जयदीप सिंह लोधी और कृषि उपज मंडी सचिव नरेंद्र जाटव शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान गोदाम में बड़ी मात्रा में चावल रखा मिला। अधिकारियों ने खाद्यान्न की जांच की तो इसे सरकारी चावल बताया गया। इसके बाद प्रशासन ने मौके पर मौजूद सामग्री को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान करीब 300 क्विंटल चावल बरामद होने की बात सामने आई।
ट्रक में भरकर ले जाने की थी तैयारी
प्रशासन के मुताबिक, गोदाम से चावल को ट्रक में भरकर ले जाने की तैयारी की जा रही थी। कार्रवाई के बाद ट्रक को भी जब्त कर लिया गया। वाहन को पुलिस की निगरानी में रखवाया गया है, ताकि मामले की आगे की जांच प्रभावित न हो। कार्रवाई के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ट्रक चालक हेमराज गुर्जर और मुकेश गुर्जर के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई। दोनों को जेल भेजे जाने की जानकारी प्रशासन ने दी है।
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आटा मिल में भी मिला सरकारी चावल
प्रशासनिक टीम ने केवल ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। टीम ने स्टेशन रोड स्थित जय गुरुदेव आटा मिल का भी निरीक्षण किया। यहां करीब 8 क्विंटल सरकारी चावल मिला। अधिकारियों ने खाद्यान्न को अपने कब्जे में लेकर उसके सैंपल लिए हैं। संबंधित लोगों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कलेक्टर बोले- शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा
मामले को लेकर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला खाद्यान्न जरूरतमंद परिवारों के लिए होता है। इसके अवैध भंडारण, हेराफेरी अथवा अनधिकृत परिवहन की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी राशन के परिवहन में किसी वाहन के इस्तेमाल की पुष्टि होने पर वाहन जब्ती सहित संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले में सरकारी खाद्यान्न के भंडारण और परिवहन से जुड़े मामलों की निगरानी और सख्त किए जाने के संकेत मिले हैं।