ग्रामीणों से जानकारी लेती स्वास्थ्य विभाग की टीम और अस्पताल में भर्ती बच्चे
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जिले के सतनवाड़ाकलां गांव में सुंदरकांड के भंडारे में बची बासी खीर खाना ग्रामीणों को भारी पड़ गया। प्रसाद के रूप में खीर खाने के कुछ घंटे बाद 56 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर और बेहोशी की शिकायत होने लगी। प्रभावित लोगों को सतनवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। एक महिला की हालत गंभीर होने पर उसे ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल रैफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार गांव के बाग वाले हनुमान मंदिर में सुंदरकांड पाठ और भंडारे का आयोजन किया गया था। इस दौरान श्रद्धालुओं को मालपुआ और खीर का प्रसाद वितरित किया गया। भंडारे के बाद बची खीर को रविवार को भी कुछ ग्रामीणों ने प्रसाद के रूप में खा लिया। इसके कुछ समय बाद लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फूड पॉइजनिंग की आशंका में 56 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें 21 पुरुष और 35 महिलाएं शामिल हैं। सतनवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती 40 मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि अन्य मरीजों का इलाज शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में जारी है।
सतनवाड़ा थाना प्रभारी भोलाराम पुरोहित ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आशंका है कि बासी खीर खराब हो गई थी और उसमें फंगस लग गई थी। सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषिश्वर ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने खीर के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। बीएमओ डॉ. विनय पिप्पल ने बताया कि मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। मेडिकल टीम लगातार ग्रामीणों की जांच और उपचार कर रही है।