मध्यप्रदेश में शाजापुर न्यायालय के षष्ठम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (नीतूकांता वर्मा) जिला शाजापुर के द्वारा आरोपिया भगवंता बाई (60) पति दरियाव सिंह मेवाड़ा निवासी ग्राम तिंगजपुर, थाना सलसलाई, जिला शाजापुर को धारा-302 भादवि में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी रमेश सोलंकी ने बताया, घटना दिनांक 08/11/2021 को सुबह नौ बजे की है, जिसमें सुमन बाई को उसकी सास भगवंता बाई द्वारा दूध की तपेली चूल्हे पर रखने को कहा और सास भगवंता द्वारा सुमन को डायन-बिल्ली कहकर उसके ऊपर घासलेट (केरोसिन) का तेल डालकर उसे जान से मारने की नियत से जलते हुए चूल्हे से कागज जलाकर, सुमन के शरीर पर आग लगाकर जला दिया। सुमन के परिजन माता, पिता और भाई को सूचना मिलने पर सुमन बाई को जिला अस्पताल शाजापुर इलाज के लिए भर्ती किया गया। जहां जिला अस्पताल में सुमन बाई के दम तोड़ने से पहले नायब तहसीलदार द्वारा बयान दर्ज किए गए थे।
मरणासन्न कथन में सुमन द्वारा बताया गया कि उसकी सास ने उसे घासलेट डालकर आग से जला दिया है। सुमन को गंभीर घायल होने से जिला अस्पताल शाजापुर से एमवाय अस्पताल इंदौर रेफर किया गया। इंदौर अस्पताल से सुमन के परिजन चौइथराम अस्पताल इंदौर इलाज के लिए लेकर गए और भर्ती किया। इलाज के दौरान तीन दिन बाद सुमन बाई की मौत हो गई थी।
घटना के संबंध में थाना सलसलाई पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी एवं सलसलाई पुलिस ने मामला जांच में लिया। जांच में आरोपिया सास भगवंता के विरुद्ध अभियोगपत्र प्रस्तुत किया गया। इसमें केरोसीन डालकर बहू को आग से जलाने वाली सास को न्यायालय ने आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।