मंगलवार शाम को दलित समुदाय के लोगों ने एसपी कार्यालय पर जाकर घटना का विरोध किया। ज्ञापन सौंपकर पीड़ित परिवार की सुरक्षा और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
छात्रा को स्कूल जाने से रोकने की बात पर लाठी-डंडे चलने के मामले में लोगों का विरोध अब सामने आने लगा है। मंगलवार शाम को दलित समुदाय के लोगों ने एसपी कार्यालय पर जाकर घटना का विरोध किया। ज्ञापन सौंपकर पीड़ित परिवार की सुरक्षा और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
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एसपी के नाम ज्ञापने देने बड़ी संख्या में समाजजन एसपी ऑफिस पहुंचे थे। जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। समाज के लोगों ने एडिशनल एसपी के सामने विरोध दर्ज कराते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। पुलिस ने पीड़ित परिवार के लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया। अखिल भारतीय बलाई समाज महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने उक्त मामले में पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बेटी पढ़ाओ का नारा दे रहे हैं, ऐसे में कैसे बेटियां पढ़ पाएंगी।
बता दें कि शाजापुर जिले के ग्राम बावलिया खेड़ी में गांव की बेटी को स्कूल न जाने देने पर दो पक्षों में जमकर विवाद हो गया था। विवाद मारपीट में बदल गया और काफी देर तक लाठी-डंडे चले। मारपीट की घटना के दौरान 6 से अधिक लोग घायल हुए हैं। जिनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। विवाद के बाद कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया। एडिशनल एसपी टीएस बघेल ने बताया कोतवाली पुलिस ने एक पक्ष के सात एवं दूसरे पक्ष के चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।