शाजापुर जिले में हिरणों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है।
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शाजापुर और सीहोर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में फसलों को नुकसान से बचाने और वन्यजीवों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए कृष्णमृग रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। वन विभाग ने मनसाया गांव से 51 कृष्णमृगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इस अभियान के तहत अब तक कुल 378 हिरणों को पकड़कर कूनो पार्क भेजा जा चुका है।
रेस्क्यू अभियान के आंकड़े बताते हैं कि 10 अक्तूबर को हन्नूखेड़ी से 97, 11 अक्तूबर को 79, 13 अक्तूबर को पंचदेहरिया से 77, 14 अक्तूबर को मनसाया से 74 और 15 अक्तूबर को मनसाया से 51 कृष्णमृग पकड़े गए। कालापीपल में काम पूरा होने के बाद अब इस अभियान का अगला चरण शुजालपुर विधानसभा क्षेत्र में शुरू होने जा रहा है। यहां टीटवास गांव और उसके आसपास बोमा बनाकर वन्यजीवों को रेस्क्यू करने की तैयारी की गई है।
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बोमा पद्धति से रेस्क्यू की प्रक्रिया
बोमा वन्यजीवों को बिना नुकसान पहुंचाए पकड़ने की एक बेहद सुरक्षित और आधुनिक तकनीक है। इसमें कपड़े की ऊंची दीवारों का इस्तेमाल कर अंग्रेजी के 'V' आकार का एक विशेष घेरा तैयार किया जाता है, जो आगे जाकर एक तंग रास्ते में बदल जाता है। अभियान के दौरान हेलीकॉप्टर की मदद से हांका लगाकर कृष्णमृगों को धीरे-धीरे इस घेरे की दिशा में लाया जाता है। जैसे ही वन्यजीव सीमित दायरे में पहुंचते हैं, वहां तैनात प्रशिक्षित वनकर्मी और विशेषज्ञ उन्हें सुरक्षित तरीके से पकड़ लेते हैं। इसके बाद स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक देखरेख के बाद विशेष वाहनों से उन्हें कूनो अभयारण्य के लिए रवाना कर दिया जाता है।
फसल सुरक्षा और वार्षिक लक्ष्य
शाजापुर जिले के शुजालपुर और कालापीपल क्षेत्रों में कृष्णमृगों की बड़ी संख्या के कारण किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचता रहा है। फसलों को बचाने और मानव-वन्यप्राणी द्वंद्व को समाप्त करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार लगातार दूसरे साल यह विशेष अभियान चला रही है। इस साल अभियान के दूसरे चरण में कुल 2,000 कृष्णमृगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित राष्ट्रीय उद्यानों में भेजने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान में दक्षिण अफ्रीका की विशेषज्ञ संस्था ‘कंजर्वेशन सॉल्यूशंस’ का तकनीकी सहयोग है। वन्यप्राणी चिकित्सक, वरिष्ठ वन अधिकारी और प्रशिक्षित मैदानी अमला दिन-रात इस रेस्क्यू और परिवहन प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से अंजाम देने में जुटा हुआ है।