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Shahdol: पुलिस लाइन में तैनात गार्ड ने की अंधाधुंध फायरिंग, एसपी ने दिए निलंबन और एफआईआर के आदेश

Sun, 16 Feb 2025 02:25 PM IST
शहडोल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

Shahdol: संभागीय मुख्यालय की पुलिस लाइन में बीती रात्रि ड्यूटी में तैनात पुलिस गार्ड ने राइफल से दनादन फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में 20 गोलियां चली है। फायरिंग जानबूझकर की गई या गलती से हुई है, इस मामले पर अभी जांच चल रही है।
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सीट पर गोलियों के निशान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संभागीय मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन में बीती रात गार्ड ड्यूटी पर तैनात आरक्षक रिंकू सिंह ने अपनी सर्विस राइफल से अचानक फायरिंग कर दी। इस दौरान कुल 20 गोलियां चलीं, जिससे पुलिस लाइन में अफरा-तफरी मच गई। फायरिंग जानबूझकर की गई या गलती से हुई, इसकी जांच जारी है।
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रात 12 बजे अचानक गूंजने लगी गोलियों की आवाज
घटना शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 12:00 बजे की है। जब पुलिस लाइन में गोलियों की आवाज गूंजी तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों में दहशत फैल गई। कॉलोनी में रह रहे पुलिसकर्मी और उनके परिजन आवाज सुनकर घबराकर बाहर निकल आए। आसपास के लोगों ने भी तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। कुछ देर के लिए पूरे पुलिस लाइन क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

गार्ड रूम के पास सेट की ओर चलाई गई गोलियां
सूत्रों के अनुसार, आरक्षक रिंकू सिंह नाइट ड्यूटी पर पुलिस लाइन की सुरक्षा में तैनात था। ड्यूटी के दौरान उसने अपनी राइफल से गार्ड रूम के पास बने सेट की ओर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। मौके पर पहुंची टीम ने जब जांच की तो वहां गोलियों के कई निशान मिले।
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एसपी पहुंचे मौके पर, दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश
घटना की सूचना मिलते ही रविवार सुबह पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव खुद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तत्काल प्रभाव से आरक्षक रिंकू सिंह को निलंबित करने के आदेश दिए और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।

जांच के बाद सामने आ सकते हैं और भी खुलासे
फिलहाल, पुलिस अधिकारियों की टीम इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फायरिंग का कारण क्या था—क्या यह कोई लापरवाही थी, मानसिक असंतुलन का मामला था, या फिर इसके पीछे कोई और वजह थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। मामले को लेकर पुलिस महकमे में भी चर्चाओं का दौर जारी है, क्योंकि पुलिस लाइन जैसी सुरक्षित जगह पर इस तरह की घटना सवाल खड़े करती है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर आरक्षक के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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