जिले के देवलौंद थाना क्षेत्र में करंट की चपेट में आने से नर हाथी की मौत के मामले में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है। बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। आरोप है कि खेत में अवैध बिजली कनेक्शन के जरिए बोरवेल चलाया जा रहा था। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से हाथी की जान चली गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, बाणसागर में पदस्थ कनिष्ठ अभियंता अभिनेंद्र सिंह चौहान ने मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में खेत में अवैध रूप से बिजली कनेक्शन लेकर बोरवेल चलाए जाने की बात सामने आई है। इसी कनेक्शन से फैले करंट की चपेट में आने से हाथी की मौत होने का आरोप है। मामले में पुलिस ने अक्षत सिंह बैंस और देवराज सिंह बैंस के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
12-13 अक्टूबर की रात हुई थी हाथी की मौत
गौरतलब है कि 12 और 13 अक्टूबर की दरमियानी रात पश्चिम ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के चचाई बीट अंतर्गत ग्राम चंदौली में खेत के पास बोरवेल के नजदीक एक हाथी की मौत हुई थी। मृत हाथी करीब 15 वर्ष का नर बताया गया है। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में खेत में बिजली के करंट से जुड़े मामले में कुछ लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही गई थी। यह भी आरोप है कि घटना के बाद बिजली का तार काट दिया गया जिससे साक्ष्य मिटाने की आशंका जताई जा रही है।
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फिलहाल पुलिस ने बिजली विभाग के अधिकारी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि अवैध बिजली कनेक्शन किसने लिया था और हाथी की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है। दो लोगों पर मामला दर्ज कर जांच आगे की जा रही है।
अब सवाल यह उठता है कि पिछले कुछ वर्षों से इस क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक हाथियों का विचारण लगातार बना हुआ था, जंगली, पहाड़ी क्षेत्र में हाथी अपना डेरा जमाए हुए थे, जिनकी निगरानी के लिए वन विभाग की विशेष टीमों का गठन किया गया था। लगातार दिन रात हाथियों की मॉनिटरिंग की जा रही थी लेकिन झुंड से अलग होकर एक हाथी खेत में पहुंच गया और वन विभाग को इसकी भनक भी नहीं लग पाई। अगर उस क्षेत्र की सप्लाई समय से बंद कर दी जाती तो हाथी की जान बच सकती थी।