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Shahdol: 37 लाख की चोरी पुलिस के लिए बना सिर दर्द, वन विहार के सामने बस से अज्ञात चोरों ने किया पार

Sat, 29 Jun 2024 05:29 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

37 लाख रुपये की नकद चोरी शहडोल पुलिस के लिए सिर दर्द बन गई है। वन विहार के सामने बस से अज्ञात चोरों ने चोरी की। फिलहाल, पुलिस जांच कर रही है।
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ब्यौहारी थाना, शहडोल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहडोल जिले में ब्यौहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत वन विहार ढाबा के सामने खड़ी बस के अंदर से एक यात्री का 37 लाख रुपये के नोट से भरा बैग ढूंढना पुलिस के लिए सिर दर्द बना हुआ है। जबकि इस घटना को एक महीने बीत चुके हैं। वहीं, बीते सात जून को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। लेकिन महीने भर बाद भी पुलिस के हाथ आरोपियों तक नहीं पहुंच सके हैं। आखिरकार वह कौन शख्स था, जिसे नोटों से भरे बैग के बारे में जानकारी थी, जिसने मौका मिलते ही चंद मिंनट में बैग पार कर दिया। यह पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है।

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फरियादी कामता प्रसाद गुप्ता पिता रामबहोर गुप्ता उम्र 52 वर्ष निवासी आंगनवाड़ी केन्द्र के पास सीधी खुर्द वार्ड नंबर-24 पुरानी सीधी थाना सीधी जिला सीधी ने बीते सात जून को ब्यौहारी थाने जाकर एक शिकायत दर्ज कराई। इसमें उसने बताया कि मैं श्री गंगा स्टील ट्रेडिंग कंपनी जिला सीधी में काम करता हूं। कंपनी के मालिक देवेन्द्र सिंह चौहान हैं, उनके इस कंपनी में मैं लगभग ढाई साल से काम कर रहा हूं। बीते महीने 26 मई 2024 को श्री गंगा स्टील ट्रेडिंग कंपनी सीधी के प्रबंधक मोहम्मद अफजल के पुत्र मोहम्मद आलम के द्वारा मुझे रायपुर जाने हेतु मनीष ट्रैवेल्स के बस क्रमांक सीजी-07 बीटी-5200 में टिकट बुक कराये थे। रात्रि करीब नौ बजे मैं बस में अस्पताल चौक सीधी से सवार हुआ था। मुझे प्रबंधक मोहम्मद अफजल के घर में मोहम्मद अफजल और उनके पुत्र मोहम्मद आलम ने एक भूरे रंग का ट्रली बैग दिया था, जिसमें 37 लाख रुपए थे। उक्त रकम रायपुर मे एक लोहे के व्यापारी को देना था।

पांच मिनट में गायब हुआ बैग
फरियाद ने बताया कि मैं रुपये वाले ट्रॉली बैग को लेकर बस के अंदर चढ़कर स्लीपर सीट में कडेक्टर जयप्रकाश शुक्ला ने स्लीपर क्रमांक-10 ए में बैठाया था। मेरे साथ स्लीपर में एक व्यक्ति और बैठा था उसका नाम रामकृष्ण पाण्डेय था। सीधी से बस चलकर ब्यौहारी में वन बिहार ढाबा में रूकी थी। सीधी और ब्यौहारी के बीच बस कहीं नहीं रूकी। ब्यौहारी वन बिहार ढाबा में बस की सवारी बस से उतर कर खाना पीना खा रहे थे। मैं भी रुपयों से भरा ट्रॉली बैग को अपनी स्लीपर सीट पर छोड़कर पेशाब करने के लिए बस से नीचे उतरा और पांच मिनट में पेशाब करके वापस बस में आकर देखा तो मेरा रुपयों से भरा ट्रली बैग गायब हो चुका था।
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पीड़ित द्वारा कंपनी के प्रबंधक को सूचना देने के बाद इसकी शिकायत ब्यौहारी थाने में दर्ज कराई थी। इस पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा-379 भादवि का मामला दर्ज कर कायम विवेचना में लिया गया था। लेकिन आज दिनांक तक पुलिस आरोपियों का सुराग नहीं लगा सकी है। न ही रुपये बरामद किए जा सके हैं। इतनी बड़ी रकम का मामला होने के कारण अब तक यह पर्दे में ही छुपा हुआ था। क्योंकि इसमें पुलिस विभाग अपनी किरकिरी होने देना नहीं चाह रही थी। बहरहाल, कब तक थाना पुलिस यह मामला सुलझाती है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। आरोपियों की तलाश में पुलिस लगी हुई है। शीघ्र ही इस मामले का खुलासा होगा।
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....अरुण पांडेय, थाना प्रभारी ब्यौहारी

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