शहडोल शहर में अब अपराधियों के अंदर शायद पुलिस का कोई खौफ बाकी नहीं रहा। इसका प्रमाण भी मंगलवार शाम को बाइपास तिराहा से लेकर जयस्तम्भ के बीच नजर आया। यहां एक युवक हाथ में चाक़ू लेकर सडक पर चहल-कदमी करता रहा और राहगीर उसे देखकर खौफज़दा होते रहे।
इसकी सूचना संबंधित कोतवाली थाना पुलिस को भी दी गई। लेकिन वहां पुलिस नहीं पहुंची। इस बीच सड़क पर चाक़ू लेकर आरोपी बेखौफ होकर टहलता रहा। आखिरकार फिर वह बाइपास तिराहा की ओर आगे बढ़ता हुआ कहीं चला गया।
इधर सफेद वर्दी धारी ने निभाई दोहरी ड्यूटी...
एक तरफ तो चाक़ू लेकर सड़क पर चहल-कदमी करने की सूचना देने के बाद भी कोतवाली से कोई खाकी वर्दी धारी अपना फर्ज निभाने नहीं पंहुचा। वहीं, दूसरी ओर इंद्रा चौक ड्यूटी पर तैनात यातायात आरक्षक विवेकानंद तिवारी दोहरी ड्यूटी निभाते हुए नजर आए।
दरअसल, शाम को वहां जब वह ड्यूटी पर तैनात रहकर ट्रैफिक कंट्रोल कर रहा था। इसी बीच वहां दो सांड आकर लड़ने लगे। उसके बाद यातायात पुलिस कर्मी ने अपनी ड्यूटी के साथ-साथ दोनों ओर के वाहनों को कुछ देर के लिए रुकवाकर सांडो को सड़क से किनारे किया। ताकि उनके कारण कहीं कोई हादसा न हो जाए।
बहरहाल, कुछ दूर मंगलवार को हुई इन दोनों घटनाओं में वर्दी धारियों के दो अलग-अलग रूप नजर आए, जिसमें एक पुलिसकर्मी ने जहां दोहरा फर्ज अदा किया। वहीं, दूसरे ने बड़ी अनहोनी की आशंका होते हुए भी उसे नजर अंदाज कर दिया।