शहडोल में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बाहर इंतजार करती एंबुलेंस।
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पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार एसईसीएल की रेस्क्यू टीम ने शनिवार को बंद खदान से तीन और लाशों को निकाला। इससे पुलिस की शंका भी पुष्ट हो गई। 26 और 27 जनवरी की रात को चार शव बरामद हुए थे। पता चला था कि कबाड़ की तलाश में तीन और युवक बंद खदान के दूसरे मुहाने से अंदर गए थे। वे लापता ही थे। अब इनकी लाश बरामद हुई है।
जो तीन शव बरामद हुए हैं, उनमें दो राजेश मिश्रा व मनोज बर्मन चचाई थाना क्षेत्र के थे, जबकि एक युवक रोहित कोल अमलाई का रहने वाला था। संबंधित थानों में इनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज हुई थी। एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र में बंद पड़ी धनपुरी भूमिगत खदान में चार युवकों की मौत हुई थी। शनिवार को पुलिस तक यह खबर पहुंची कि उसी रात को तीन अन्य युवक भी कबाड़ चोरी की नीयत से उसी माइन के दूसरे मुहाने में होल कर अंदर गए थे। घटना के बाद से वह भी लापता थे। शनिवार दोपहर दो बजे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एसईसीएल की रेस्क्यू टीम ने यह ऑपरेशन शुरू किया। देर शाम साढ़े सात बजे तक बचाव दल की पांच-पांच सदस्यीय टीमें रेस्क्यू के लिए कड़ी मशक्कत करते हुए बंद माइंस में आती-जाती रही। देर शाम सात बजे उन्हें खदान के अंदर तीन शव मिल गए। तीनों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज शहडोल भेजे गए हैं।
कबाड़ियों के यहां छापामार कार्यवाही
धनपुरी यूजी माइंस में चार युवकों की कबाड़ चुराने के दौरान माइंस में दम घुटने से मौत हुई थी। पुलिस को पता चला कि मारे गए युवक राजा कबाड़ी के लिए काम करते थे। इसके बाद उसके ठिकाने पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में अवैध कबाड़ जब्त किया गया। शनिवार को पुलिस को जब यह पता चला कि तीन अन्य युवक भी चोरी की नीयत से माइंस में गए थे तो अन्य कबाड़ियों के छापे मारे गए। कुछ कबाड़ियों से अवैध कबाड़ भी जब्त हुआ है।
एसईसीएल बुढ़ार ग्रुप प्रबंधन पर मामला दर्ज
एसईसीएल अंतर्गत बंद धनपुरी भूमिगत खदान में हुई चार मौतों के बाद एसईसीएल बुढ़ार ग्रुप प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उस पर आरोप है कि खदान का मुहाना बंद करने में समुचित सावधानी नहीं बरती गई। जहरीली गैस रिसाव एवं खदान बंद होने की सार्वजनिक सूचना एवं चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए। सुरक्षा हेतु गार्ड भी नहीं रखे गए। पुलिस ने इसे प्रथमदृष्टया लापरवाही माना है।