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Shahdol News: धनपुरी में दहशत, रात के अंधेरे में कोई बकरियों का खून चूसकर उन्हें मार रहा है

Sat, 17 Jun 2023 12:43 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

मध्य प्रदेश के शहडोल के धनपुरी में दहशत का माहौल है। कोई अज्ञात जानवर रात के अंधेरे में बकरे-बकरियों का खून चूस जाता है और उन्हें मौत के घाट उतार देता है। जानवरों के शरीर और दीवार पर जंगली जानवर के नाखून और पंजों के निशान मिले हैं। 
 
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शहडोल के धनपुरी में बकरे-बकरियों का खून चूसकर उन्हें मौत के घाट उतार रहा है अज्ञात जानवर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहडोल जिले की कोयलांचल नगरी धनपुरी में इन दिनों एक खूंखार जंगली जानवर घर के अंदर बंधे बकरों और बकरियों को शिकार बना रहा है। पिछले पंद्रह दिनों में रात के अंधेरे में इस रहस्यमयी जानवर ने करीब 30 से अधिक बकरे-बकरियों को मौत के घाट उतार दिया है। बकरे-बकरियों के गर्दन और पीठ पर और घटनास्थल पर जमीन और दीवार पर जंगली जानवर के नाखून और पंजों के निशान दिखाई दिए हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि जानवर सिर्फ खून चूसकर चला जाता है। उनका मांस नहीं खाता। 

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बकरे-बकरियों पर हमला कर खून चूसकर उन्हें मौत के घाट उतारने का सिलसिला 30-31 मई की रात को शुरू हुआ था। अज्ञात जानवर ने कच्छी मोहल्ला निवासी बकरा व्यवसायी फारूक उर्फ बल्लू कुरैशी के घर में बंधे 15 जानवरों को एक ही रात में मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद पिछले हफ्ते फारूक कुरैशी के घर में बंधी दो बकरियों के साथ भी ऐसा ही हुआ। शुक्रवार रात को कच्छी  मोहल्ला में मंसूर उर्फ गुड्डा बाबा के घर में स्थित सार मे बंधे चार बकरे सुबह मृत मिले। उनके गर्दन में भी किसी जंगली जानवर के हमले के निशान दिखाई पड़ रहे हैं। इसके अलावा आठ-नौ जून की दरम्यानी रात कच्छी मोहल्ला के मोहम्मद उमर के घर मे बंधे पांच बकरे-बकरियां मृत मिले थे। इसी तरह की घटनाएं और भी जगहों पर होने की सूचना मिली है। धनपुरी में पंद्रह दिनों के भीतर 30 से अधिक बकरे-बकरियों को रहस्यमयी जंगली जानवर ने मौत के घाट उतारा है। इन बकरे-बकरियों की कीमत तीन लाख रुपये बताई जाती है।  

जमीन, दीवार व बाड़ी मे पंजों व नाखून के निशान 
शनिवार सुबह मंसूर अली उर्फ़ गुड्डा बाबा के घर चार बकरे-बकरियां मृत पाए गए। उनके घर में बकरियों के सार, दीवार व बाड़ी में किसी जंगली जानवर के पंजे व नाखून के निशान दिखाई दे रहे हैं। वह जानवर किस प्रजाति का है, यह रहस्य बना हुआ है। फारूक कुरैशी का कहना है कि हमारा परिवार पीढ़ियों से यह व्यवसाय कर रहा है। ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई। कोई जंगली जानवर सिर्फ बकरे-बकरियों का खून चूसकर उन्हें मौत के घाट उतार रहा है। इन घटनाओं से पशु पालको में दहशत है। जानवरों की सुरक्षा की मांग प्रशासन से की जा रही है। पशु हानि की क्षतिपूर्ति की भी मांग की जा रही है। 

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