शहडोल में नगर का प्रथम नागरिक ही जब नियम कायदों को ताक पर रख दे, तो फिर भला आमजन से क्या उम्मीद की जा सकती है। ऐसी ही लापरवाही शहडोल नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल बरत रहे हैं। उन्हें नगर पालिका प्रशासन द्वारा जो सरकारी वाहन उपलब्ध कराया गया है, उसमें सामने की ओर वाहन नंबर की प्लेट ही नहीं लगी हुई है।
नगर पालिका अध्यक्ष भी शायद इससे अनजान बने हुए हैं। हां इतना अवश्य है कि अपने ओहदे का ध्यान उन्हें बखूबी है। क्योंकि वाहन में सामने उनके ओहदे लिखी हुई नेम प्लेट शोभा बढ़ा रही है। शायद नपाध्यक्ष मोटर व्हीकल एक्ट से अनजान हैं।
वहीं, दूसरी ओर शहर के यातायात अमले की नजर भी कभी शायद अध्यक्ष महोदय के वाहन पर नहीं पड़ी है। इसलिए उन्हें किसी ने टोका भी नहीं या फिर शहर के प्रथम व्यक्ति के लिए नियम कायदे को शिथिल रखा गया है। बहरहाल एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को इस बात का ख्याल अवश्य रखना चाहिए कि उनसे शासन के नियमों का उलल्लंघन न होने पाए। डीएसपी यातायात मुकेश दीक्षित का कहना है कि वाहन अगर सड़क पर मिलता है तो बिल्कुल कार्रवाई की जाएगी। नंबर प्लेट अंकित करना जरूरी है।