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MP News: 112 करोड़ रुपये का पुल स्वीकृत है, फिर भी रोज जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण

Tue, 12 Sep 2023 01:34 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

शहडोल जिले में पुल न होने की वजह से हजारों ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पर वाहन चढ़ाते हैं और पार जाते हैं। 112 करोड़ रुपये का पुल स्वीकृत भी हुआ लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था ने उसे कागज पर ही रोके रखा है। 
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शहडोल में सोन नदी पर इस तरह से पार जाते हैं लोग। - फोटो : अमर उजाला
शहडोल जिले के अंतिम छोर स्थित ब्यौहारी के विजयासोता में एक चौंकाने वाला नजारा दिखाई देता है। जान जोखिम में डालकर लोग तेज धार में बाइक-साइकिल और खुद भी नाव से नदी पार करते हैं। यह कोई गोवा की फेरी नहीं है, जिसमें आम तौर पर कारें भी चली जाती हैं। यह साधारण नौका है, जो हमेशा ओवरलोड रहती है। 112 करोड़ रुपये की लागत से पुल मंजूर हो चुका है, लेकिन लचर प्रशासनिक व्यवस्था की वजह से कागज से जमीन पर नहीं आ सका है। 

यह तस्वीर विजयसोता की है। ब्यौहारी के ग्राम विजयासोता में सोन नदी बहती है। इसका पाट करीब डेढ़ किलोमीटर चौड़ा है। उसे पार करने के लिए 60 से अधिक गांवों के लोग रोज जान को खतरे में डालते हैं। नाव पर ही वे अपनी बाइक, साइकिल और अन्य सामान लादते हैं। फिर उसमें ही बैठकर नदी के एक पार से दूसरे तक पहुंचते हैं। हालात यह है कि इलाके के भाजपा विधायक शरद कोल भी कुछ खास नहीं कर सके। उन्होंने अपनी लाचारी का ठीकरा प्रशासनिक व्यवस्था पर फोड़ा है। 
 
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शहडोल में लोग जान को जोखिम में डालते हैं। - फोटो : अमर उजाला
100 से ज्यादा गांवों के लोग प्रभावित
इस नदी पर पुल न होने की वजह से सिर्फ यह 60 गांव के नहीं बल्कि दूसरी ओर के 50 गांव भी प्रभावित हैं। पुल की सुविधा न होने से मजबूरी में नाव में ही सफर पूरा करना पड़ता है।   

112 करोड़ रुपये का पुल स्वीकृत
ऐसा नहीं है कि राजनीतिक व्यवस्था को यह पता नहीं है। 112 करोड़ रुपये की लागत वाला पुल भी स्वीकृत कर लिया है। व्यवस्था इतनी चलर है कि इसके बाद भी पुल की योजना कागजों पर ठिठकी पड़ी है। पुल बन गया तो ब्यौहारी के लोगों के लिए कटनी और जबलपुर आना-जाना आसान हो जाएगा। व्यापार को भी फायदा होगा। इस समय कटनी जाने के लिए सैकड़ों किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। 
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