शहडोल जिले के अंतिम छोर स्थित ब्यौहारी के विजयासोता में एक चौंकाने वाला नजारा दिखाई देता है। जान जोखिम में डालकर लोग तेज धार में बाइक-साइकिल और खुद भी नाव से नदी पार करते हैं। यह कोई गोवा की फेरी नहीं है, जिसमें आम तौर पर कारें भी चली जाती हैं। यह साधारण नौका है, जो हमेशा ओवरलोड रहती है। 112 करोड़ रुपये की लागत से पुल मंजूर हो चुका है, लेकिन लचर प्रशासनिक व्यवस्था की वजह से कागज से जमीन पर नहीं आ सका है।
यह तस्वीर विजयसोता की है। ब्यौहारी के ग्राम विजयासोता में सोन नदी बहती है। इसका पाट करीब डेढ़ किलोमीटर चौड़ा है। उसे पार करने के लिए 60 से अधिक गांवों के लोग रोज जान को खतरे में डालते हैं। नाव पर ही वे अपनी बाइक, साइकिल और अन्य सामान लादते हैं। फिर उसमें ही बैठकर नदी के एक पार से दूसरे तक पहुंचते हैं। हालात यह है कि इलाके के भाजपा विधायक शरद कोल भी कुछ खास नहीं कर सके। उन्होंने अपनी लाचारी का ठीकरा प्रशासनिक व्यवस्था पर फोड़ा है।