रेलवे स्टेशन पर गस्त करती रेलवे पुलिस।
भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव बीच शहडोल प्रशासन अलर्ट मोड में है। पुलिस, रेलवे, स्वास्थ्य, विद्युत सहित अन्य विभागों ने मिलकर आवश्यक सावधानियों को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। समाज में तनाव उत्पन्न करने वाली गतिविधियों के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ ही अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं के प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
जिला कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने बताया, हम सभी संस्थाओं और जिले की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं। एनडीआरएफ के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। हमें किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी करनी है। उन्होंने कहा कि शनिवार को बुढार और जिला मुख्यालय में सभी अधिकारियों की बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
ये भी पढ़ें:
सरहदी जिलों में रेड अलर्ट, बाजार बंद, लोगों को घरों में रहने की सलाह, कहां कैसे हैं हालात
संयुक्त चेकिंग अभियान से बढ़ी सुरक्षा
रेलवे स्टेशनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती देने के लिए आरपीएफ, जीआरपी और कमर्शियल स्टाफ ने संयुक्त चेकिंग अभियान शुरू किया है। प्लेटफॉर्म और ट्रेनों की लगातार सर्चिंग की जा रही है, जिसमें डॉग एस्कॉर्ट का भी सहयोग लिया जा रहा है। बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता दिनेश कुमार तिवारी ने कहा, हमने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। अगर जरूरत पड़ी तो प्रशासन के निर्देशों पर हम बिना समय गंवाए कार्य करेंगे और 5 मिनट के अंदर ही ब्लैकआउट कर देंगे।
ये भी पढ़ें:
मध्य प्रदेश में आज भी आंधी, हल्की बारिश के आसार, 40 से अधिक जिलों में अलर्ट,4 दिन रहेगा असर ,
पुलिस विभाग की रणनीति
पुलिस अधीक्षक राम जी श्रीवास्तव ने कहा, हमने अतिरिक्त सुरक्षा के लिए कार्य योजना बना ली है। सभी पुलिस जवानों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं और अति आवश्यक कार्य होने पर ही उन्हें अवकाश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी थाना क्षेत्रों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि कोई भी अप्रिय घटना न होने पाए।
ये भी पढ़ें:
अब पॉलिटेक्निक कोर्स दो साल का, 12वीं के समकक्ष रहेगा, तकनीकी शिक्षा विभाग ने बोर्ड को भेजा प्रस्ताव
सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं पर प्रतिबंध
कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने आदेश दिया है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं अपुष्ट सूचनाएं अपलोड नहीं कर सकती। यदि किसी व्यक्ति को ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाया गया, तो उसे भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है, जिसमें लोगों से अपुष्ट और भड़काऊ सूचनाओं से दूर रहने की अपील की गई है। किसी भी आपत्तिजनक संदेश को साझा न करें और यदि कोई ऐसा संदेश आता है, तो उसे तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।