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Shahdol News: सरपंच की नौ साल से कम होती जा रही उम्र, पेंशन लेने के लिए जन्मतिथि में किया हेर-फेर

Fri, 11 Oct 2024 09:43 PM IST
शहडोल ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

पंचायतों में से एक पंचायत ऐसी भी है, जहां के वर्तमान सरपंच की उम्र पिछले नौ साल में छह बरस कम हो गई। साल 2015 में जहां उनकी उम्र 60 साल थी। वहीं, अब नौ साल बीतने के बाद सरपंच की उम्र घटकर 54 बरस की हो गई है।
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पंचायत भवन कार्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहडोल जिले के ब्यौहारी विकास खंड अंतर्गत आने वाली पंचायतों में से एक पंचायत ऐसी भी है।जहां के वर्तमान सरपंच की उम्र पिछले नौ साल में छह बरस कम हो गई है। साल 2015 में जहां उनकी उम्र 60 साल थी। वहीं, अब नौ साल बीतने के बाद नेताजी की उम्र घटकर 54 बरस की हो गई है। इस प्रकार पिछले साल से लगातार उनकी उम्र घटती ही जा रही है।

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सुनने में भले ही इस पर यकीन न आए और यह प्रकृति के नियम के विपरीत लग रहा हो। लेकिन दस्तावेजों के अनुसार नेता जी अब 60 साल के बुजुर्ग से धीरे-धीरे जवानी की ओर बढ़ते हुए 54 साल के हो गए हैं। यह नेताजी हैं जिले के जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत ग्राम पंचायत बहेरिया के सरपंच रामसिया लखेर, जो कि पंचायत के ग्राम खढेह के निवासी हैं, जिनके दस्तावेज उनकी चढ़ती और ढलती उम्र बयां कर रहे हैं।

अंक सूची से खुला सही जन्मतिथि का राज
गांव के वर्तमान सरपंच रामसिया लखेर का नाम बीपीएल सूची में 28,380 क्रमांक में दर्ज है। उन्होंने आज से करीब नौ साल पहले 2015 में उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन लेने के लिए आवेदन किया था, जिसमें अपनी जन्मतिथि 20 जुलाई 1955 बताई थी, जिसके अनुसार वह 60 साल के बुजुर्ग हो चुके थे और उक्त पेंशन के हकदार थे। पेंशन के लिए किए गए आवेदन में अपने जिस आधार कार्ड क्रमांक 669000211146 व समग्र आईडी का उपयोग उन्होंने किया गया था, उसके अनुसार भी वह 60 साल के हो चुके थे तथा उसमें जन्मतिथि 20 जुलाई 1955 दर्ज थी।
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लेकिन यह जन्मतिथि उनकी वास्तविक जन्मतिथि नहीं थी। बल्कि उनकी कक्षा बारहवीं की अंक सूची में सरपंच रामसिया लखेर की एक जनवरी 1970 अंकित है, जिसके अनुसार साल 2015 में उनकी आयु मात्र 45 साल थी तथा वर्तमान समय आयु 54 साल है। इसके बावजूद अपात्र होते हुए भी साजिश करके अपनी सही जन्मतिथि छुपाते हुए उन्होंने आधार कार्ड में गलत जन्मतिथि अंकित कराकर फर्जी तरीके से वृद्धा पेंशन का कई साल तक लाभ प्राप्त किया। अब उनकी इस साजिश का गांव में खुलासा हो गया है और इसकी शिकायत भी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुकी है।

जांच में प्रमाणित हो चुके हैं आरोप
ग्रामवासियों द्वारा सरपंच रामसिया लखेर के खिलाफ कई अनियमितताएं किए जाने की शिकायत पूर्व में लिखित रूप से की गई थी, जिसके बाद इन शिकायतों और आरोपों की जांच वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कराई गई थी, जिसमें ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए थे। लेकिन आज दिनांक तक सरपंच के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

बताया गया है कि दो बार उनके विरुद्ध धारा-40 के तहत कार्रवाई किए जाने का पत्र जनपद पंचायत ब्यौहारी से जिला पंचायत भेजा जा चुका है। लेकिन वह जांच रिपोर्ट फाइलों में दफ़न होकर रह गई है। अब एक बार फिर ग्रामॉवासियों द्वारा बिन्दुवार शिकायत सरपंच के विरुद्ध की गई है। जिसमें फर्जी तरीके से सरपंच रामसिया पिता अल्फत उर्फ़ रामधनी के ऊपर फर्जी जन्मतिथि दर्शाकर वृद्धा पेंशन का लाभ लिए जाने का भी उल्लेख कर कार्रवाई की मांग की गई है।

आरोपों की है लंबी सूची
सरपंच रामसिया के ऊपर जहां सरपंच बनने से पहले साल 2015 से 2019 तक जन्मतिथि में कूट रचना करके फर्जी तरीके से वृद्धा पेंशन का लाभ लेने का आरोप है। वहीं, दूसरी ओर ग्राम खढेह में खेर माई माता मंदिर चबूतरा निर्माण, फर्जी मजदूरी भुगतान, हनुमान मंदिर सफाई के नाम पर गबन करने समेत अन्य निर्माण कार्यों में लाखों रुपये की अनियमितता किए जाने का आरोप है।

शिकायत में लगाए गए अधिकांश आरोप जांच में प्रमाणित भी हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि सरपंच को कुछ सफेदपोश नेताओं का संरक्षण प्राप्त है, जिस कारण अब तक उस पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। अब नवागत तेज तर्रार जिला पंचायत सीईओ से ग्रामवासियों को उम्मीद है कि सरपंच के ऊपर कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाया जाएगा। बहरहाल, यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि सरपंच के खिलाफ प्रमाणित भ्रष्टाचार के खिलाफ वरिष्ठ कार्यालय से क्या कार्रवाई की जाएगी।

प्रधानमंत्री के नाम भेजा है पत्र
इन आरोपों के बीच ग्राम पंचायत बहेरिया के लेटर पैड में प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक पत्र सामने आया है, जिसमें आरोपों से घिरे सरपंच रामसिया के द्वारा यह उल्लेखित किया गया है कि मैं पिछड़ा वर्ग से हूं। जबकि पंचायत के उप सरपंच समेत अधिकांश पंच उच्च वर्ग से हैं। इसलिए वह लोग पंचायत के विकास कार्य में बाधाएं डालते हैं। उक्त पत्र में आज 11 अक्तूबर 2024 की तिथि दर्ज है। जब इसके संबंध में सरपंच रामसिया से बात की गई तो उन्होंने कहा कि दो दिन पहले एक पत्र प्रधानमंत्री के नाम डाक से भेजा था। लेकिन आज की तिथि में कोई पत्र नहीं भेजा है। फिर उनके हस्ताक्षर व पंचायत की मुहर लगाकर लेटर दोबारा किसने भेजा, यह बड़ा सवाल है?

सरपंच ने दिए गोलमोल जवाब
पत्र के बारे में तो उन्होंने बताया, लेकिन उनके ऊपर लगे सरकारी धन के दुरुपयोग के प्रमाणित आरोपों के बारे में बात की गई तो वह गोलमोल जवाब देने लगे। पंचायत अधिकारी द्वारा की गई जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद भी वह इसे नकारते नजर आए। वहीं, फर्जी जन्मतिथि के आधार पर पेंशन लेने की बात को भी वह साजिश बताने लगे। बहरहाल, ऐसा प्रतीत हो रहा कि प्रमाणित आरोपों के बाद कार्रवाई के भय से अब सरपंच रामसिया लखेर अपने बचाव के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं।

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