ऑपरेशन कराने गए विधायक के वाहन चालक से वसूली
- फोटो : अमर उजाला
शहडोल का एक शासकीय अस्पताल इन दिनों चर्चा में है। दरअसल, यहां प्राइवेट अस्पतालों से भी ज्यादा फीस ऑपरेशन के नाम पर मरीजों से ली जाती है। इतना सब होने के बावजूद भी अस्पताल प्रबंधन ठोस कार्रवाई करने में उदासीन रवैया अपना रहा है।
क्या है मामला
दरअसल एक मामला सामने आया है, जिसमें बीजेपी विधायक जैतपुर के वाहन चालक शिवा यादव से ऑपरेशन के नाम पर एक डॉक्टर ने 4000 रुपए ले लिए। वहीं जब इस बात की जानकारी विधायक को लगी तो वह अस्पताल पहुंचकर सिविल सर्जन को मामले से अवगत कराया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ते देख चिकित्सक ने पैसे वापस करने की बात कही है। जानकारी में बताया गया कि विधायक के वाहन चालक से डॉक्टर 5000 रुपए की मांग की थी, जिसके एवज में चालक ने 4000 रुपए दे दिया। हालांकि चिकित्सक ने पैसा वापस किया या नहीं इस बात की जानकारी अस्पताल प्रबंधन ने नहीं दी है। बताया जाता है कि पैसा लेने वाला चिकित्सक एक सेवानिवृत चिकित्सा अधिकारी का बेटा है, जिसके कारण प्रबंधन उसे पर ठोस कार्रवाई करने में कतरा रहा है।
सूत्रों की माने तो जिला चिकित्सालय में विधायक के वाहन चालक से पैसा लेने का यह कोई पहला मामला नहीं है, इसके पहले एक शिक्षक से पेट में पथरी के ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल के एक डॉक्टर ने 15000 रुपये लेकर ऑपरेशन किया था। इस तरह अस्पताल में पूर्व में भी ऐसे कई मामले आ चुके हैं।
पैसों के इस खेल में प्रबंधन लापरवाह
डॉक्टर हर्निया, हाइड्रोसील, पथरी, के अलावा अन्य सर्जरी के नाम पर मरीज से मोटी रकम लेने के बाद ऑपरेशन करते हैं। प्रबंधन को कई बार इसकी शिकायत भी की जा चुकी है, लेकिन अब तक पैसों के इस खेल में प्रबंधन अंकुश नहीं लगा पा रहा है। जिसका नतीजा अब यह हुआ कि डॉक्टर के हौसले इतने बुलंद हो गए की विधायक के वाहन चालक से भी ऑपरेशन के नाम पर पैसा ले लिया। इसे यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टर विधायक के वाहन चालक से पैसा ले सकते हैं तो अन्य मरीजों से ऑपरेशन के नाम पर कितने पैसे वसूलते होंगे। फिलहाल सिविल सर्जन डॉक्टर जीएस परिहार का कहना है कि मामला सामने आया है, मामले की जांच कराई जा रही है।