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पटवारी ने दिया इस्तीफा: तहसीलदार पर रिश्वत और प्रताड़ना का आरोप, कार्रवाई नहीं हुई तो आत्मदाह करने की चेतावनी

Sun, 14 Jun 2026 12:32 PM IST
शहडोल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

शहडोल के जयसिंहनगर में पटवारी रमेश पटेल ने प्रभारी तहसीलदार सुषमा धुर्वे पर 40 हजार रुपये रिश्वत मांगने और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर 16 जून को मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह करेंगे।
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पटवारी रमेश पटेल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहडोल जिले की जयसिंहनगर तहसील से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। जयसिंहनगर तहसील में पदस्थ पटवारी रमेश पटेल ने प्रभारी तहसीलदार सुषमा धुर्वे पर रिश्वत मांगने और मानसिक एवं आर्थिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा संभागायुक्त (कमिश्नर) शहडोल को सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रभारी तहसीलदार ने सारे आरोप निराधार बताए हैं। 

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पटवारी रमेश पटेल ने मीडिया से चर्चा के दौरान आरोप लगाया कि नव नियुक्त एसडीएम की व्यवस्थाओं के नाम पर प्रभारी तहसीलदार द्वारा उनसे 40 हजार रुपये की मांग की गई थी। उनका कहना है कि दबाव के चलते उन्होंने 5 हजार रुपये नकद तथा 5 हजार रुपये फोन-पे के माध्यम से दिए, लेकिन इसके बाद भी लगातार शेष राशि की मांग की जाती रही। पटवारी का आरोप है कि निर्धारित रकम नहीं देने पर पहले उनका स्थानांतरण कराया गया और बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया। इतना ही नहीं, निलंबन अवधि के दौरान मिलने वाला गुजारा भत्ता भी रोक दिया गया, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा।

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रमेश पटेल का कहना है कि लंबे समय से हो रही कथित प्रताड़ना और आर्थिक परेशानियों से तंग आकर उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 16 जून तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। 
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आरोप निराधार
मामले में प्रभारी तहसीलदार सुषमा धुर्वे का कहना है कि पटवारी रमेश पटेल द्वारा लगाए जा रहे सारे आरोप तथ्यहीन और निराधार है। उनका स्थानांतरण प्रशासनिक आवश्यकता की दृष्टि से किया गया था। इस स्थानांतरण के खिलाफ उन्होंने न्यायालय की शरण ली थी, लेकिन वहाँ से भी उनकी याचिका खारिज कर दी गई है। उनके द्वारा लगाए जा रहे सारे आरोप निराधार है।
 

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