सार
शहडोल में ऑनलाइन गेमिंग की लत ने एक परिवार को तबाह कर दिया। कर्ज में डूबे शंकर लाल गुप्ता ने कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पत्नी और बेटी को पिला दिया। तीनों अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज के दौरान अब मां सहित तीनों की मौत हो गई।
ऑनलाइन गेमिंग की लत ने शहडोल में एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। कोतवाली थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती स्थित सत्यम वीडियो के पास 24 फरवरी की दरमियानी रात हुई इस दर्दनाक घटना में अब तीसरी मौत भी हो गई है। मेडिकल कॉलेज शहडोल में आठ दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मां राजकुमारी ने भी दम तोड़ दिया। इससे पहले 25 फरवरी को पिता शंकर लाल गुप्ता और बेटी स्वाति गुप्ता की मौत हो चुकी थी।
पुलिस के अनुसार पुरानी बस्ती निवासी शंकर लाल गुप्ता को ऑनलाइन BDG और एविएटर (Aviator) गेम की लत लग गई थी। बताया जा रहा है कि इस गेम में वह लगातार पैसे हारते गए और लाखों रुपये के कर्ज में डूब गए। आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने 24 फरवरी की रात एक खौफनाक कदम उठा लिया।
आरोप है कि शंकर लाल ने कोल्डड्रिंक में जहर मिलाकर पहले अपनी पत्नी राजकुमारी और बेटी स्वाति को पिला दिया, इसके बाद खुद भी वही जहरीला पेय पी लिया। कुछ ही देर में तीनों की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों और पड़ोसियों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
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अस्पताल में इलाज के दौरान 25 फरवरी को शंकर लाल गुप्ता और उनकी बेटी स्वाति गुप्ता ने दम तोड़ दिया था, जबकि राजकुमारी का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। करीब आठ दिनों तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद आखिरकार राजकुमारी भी मौत के आगे हार गईं।
इस हृदय विदारक घटना के बाद परिवार में अब केवल 15 वर्षीय बेटा अनिकेत गुप्ता ही बचा है। घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं था, जिसके कारण वह जहरीला पेय पीने से बच गया और उसकी जान बच गई।
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है और ऑनलाइन गेमिंग व सट्टा जैसे प्लेटफॉर्म की खतरनाक लत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक गलत फैसले ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया और पीछे छोड़ गया एक मासूम बेटे का अकेलापन।