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ईमानदारी की मिसाल: पांच सौ रुपये की नोट ने रिटायर्ड कर्मचारी को किया बेचैन, फिर जो हुआ उसे खूब सराहा जा रहा

Tue, 02 May 2023 07:09 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

मध्यप्रदेश में शहडोल जिले के एक व्यक्ति ने ईमानदारी की शानदार मिसाल पेश की है। व्यक्ति ईमानदारी दिखाते हुए बैंक में जा पहुंचा, फिर वहां जो हुआ उसकी खूब चर्चा हो रही है। जानिए क्या है पूरा मामला।
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पैसा लौटाते हुए मुमताज खान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छल कपट के इस दौर में आज भी ईमानदार व्यक्तित्व के लोग मौजूद हैं। उनकी ईमानदारी के आगे धन दौलत कोई मायने नहीं रखता है। ऐसे ही एक ईमानदार व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति हैं मदन एजेंसी के पीछे रहने वाले मुमताज खान। जो छत्तीसगढ़ में शासकीय सेवा से साल 2016 में सेवानिवृत्त हुए हैं।

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गत दिवस वह बाणगंगा रोड पर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से रुपये निकालने गए। यहां उन्होंने एसबीआई एटीएम कार्ड से नौ हजार रुपये का ट्रांजेक्शन किया। एटीएम मशीन में प्रक्रिया पूरी होने के बाद मशीन से पांच-पांच सौ रुपये के नोट निकले। जब खान ने रुपये गिने तो कुल 18 नोट की जगह 19 नोट निकले। यानी नौ हजार रुपये की जगह साढ़े नौ हजार रुपये थे। इस हिसाब से पांच सौ रुपये का एक नोट एटीएम मशीन से ज्यादा निकल गया था। जबकि उन्होंने नौ हजार रुपये ही ट्रांजेक्शन किया था और उनके बैंक एकाउंट से नौ हजार रुपये ही कटने का मैसेज उनके पास आया।

कई बार नोट गिने...
एक बार तो उन्हें लगा कि शायद नोट गिनने में उनसे गलती हो गई है। इसलिए उन्होंने दो तीन बार नोट गिने, तब भी नौ हजार की जगह साढ़े नौ हजार रुपये ही निकले। तब उन्हें एहसास हुआ कि एटीएम मशीन से तकनीकी त्रुटि के कारण पांच सौ रुपये का एक नोट अधिक निकल आया है। ईमानदार व्यक्तित्व के धनी खान को अधिक मिले वो एक पांच सौ रुपये की नोट ने मानो अंदर से बेचैन कर दिया। वह एटीएम कार्ड से निकले नोटों को लेकर सीधे भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पहुंच गए। यहां उन्होंने शाखा प्रबंधक से मिलकर सारी बात बताई और कहा कि सर ये पांच सौ रुपये बैंक की अमानत है, जो एटीएम मशीन की तकनीकी त्रुटि के कारण मेरे ट्रांजेक्शन के साथ मुझे मिल गई है।
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प्रबंधक ने एकाउंट चेक कराया...
मुमताज खान की बात सुनने के बाद शाखा प्रबंधक द्वारा उनका एकाउंट चेक कराया गया, जिसमें नौ हजार रुपये ही एटीएम के जरिए निकाला जाना अंकित पाया गया। उसके बाद खान ने यह कहते हुए पांच सौ रुपये शाखा प्रबंधक को लौटा दिए कि यह रुपये में मेरा नहीं है। बल्कि आपके बैंक की अमानत है। एक सेवानिवृत्त बुजुर्ग कर्मचारी की ईमानदारी को देख शाखा प्रबंधक भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आज के इस दौर में लोग रुपयों के लिए  छल कपट करने से भी गुरेज नहीं करते। ऐसे समय में आपने ईमानदारी की जो मिशाल पेश की है, वह काबिले तारीफ है।

इसके बाद शाखा प्रबंधक द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की उपस्थिति में खान का माल्यार्पण करते हुए उन्हें मिठाई खिलाकर सम्मान किया गया। साथ ही कहा कि आप जैसे नेक ईमानदार व्यक्तियों के कारण ही आज ईमानदारी जीवित है। विदित हो कि सेवानिवृत्त कर्मचारी मुमताज खान जिले के युवा पत्रकार सादिक खान के पिता और मेडिकल कालेज शहडोल में नर्सिंग ऑफिसर तैयबा खातून के ससुर हैं।

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