शहडोल के ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा को मंगलवार शाम ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। जन चौपाल कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे सांसद का काफिला भमरहा प्रथम गांव में ग्रामीणों ने रोक लिया और झापर नदी पर बने पुल को चालू कराने तथा अधिग्रहित भूमि का मुआवजा दिलाने की मांग उठाई। लगभग एक घंटे तक सांसद का काफिला मौके पर रुका रहा, जहां ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं विस्तार से बताईं।
जानकारी के अनुसार सीधी संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. राजेश मिश्रा मंगलवार को ब्यौहारी विधानसभा के ग्राम कोना टोला में आयोजित जन चौपाल में शामिल होने तथा ग्रामीणों के बीच रात्रि विश्राम के लिए जा रहे थे। उनके साथ ब्यौहारी विधायक शरद जुगलाल कोल भी मौजूद थे। इसी दौरान रास्ते में भमरहा प्रथम गांव के लोगों ने उनका काफिला रोक लिया।
'अब तक मुआवजे की राशि नहीं मिली'
ग्रामीणों का आरोप है कि झापर नदी पर बना पुल करीब तीन वर्ष पहले पूरी तरह तैयार हो चुका है, लेकिन आज तक आम लोगों के लिए चालू नहीं किया गया। पुल के दोनों ओर पहुंच मार्ग के लिए स्थानीय किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी, लेकिन प्रभावित किसानों को अब तक मुआवजे की राशि नहीं मिली है। इसी वजह से पुल का उपयोग शुरू नहीं हो सका है।
30 किसानों को जमीन का मुआवजा नहीं मिला
जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि पुल निर्माण पूरा होने के बावजूद करीब 30 किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिला है। किसानों ने कई बार अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। अधिकारियों द्वारा लगातार यह कहा जाता रहा कि मुआवजे की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द भुगतान किया जाएगा, लेकिन आज तक राशि नहीं मिली।
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ग्रामीणों और किसानों ने सांसद के समक्ष अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए जल्द समाधान की मांग की। सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने मौके पर लोगों से चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया कि मुआवजे की राशि शीघ्र दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों से बात की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों की समस्या का समाधान कर पुल को जल्द चालू कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध समाप्त किया और सांसद का काफिला आगे रवाना हुआ।