अनूपपुर से खदेड़े गए हाथियों के दल का एक हाथी शहडोल पहुंच गया। उसने बीती रात एक युवक को कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा पड़ा है।
मामला शहडोल जिले के केशवाही वन परिक्षेत्र के बरगवा-18 के जंगल का है। वहां एक हाथी पहुंच गया, जिसने कई खेतों को नुकसान पहुंचाया। फिर हाथी ने 22 वर्षीय सुरेश पाव पिता रामेश्वर पाव को कुचल दिया। मामले की जानकारी लगते ही प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस अधिकारी व वन विभाग का अमला भी मौके पर पहुंचा। हाथी ने युवक को सुबह नौ बजे कुचला था। जहां पर हाथी ने युवक को कुचला था, वह करीब आठ घंटे बाद उसी जगह पर डटा रहा। इससे युवक को बचाने की कोशिशें भी नहीं कर सके। जब हाथी वहां से गया, तब जाकर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच सके।
एसडीएम ज्योति परस्ते ने कहा कि सुरेश पाव पिता रामेश्वर पाव गुरुवार सुबह खेत गया था। तभी अचानक हाथी वहां आ पहुंचा। उसने युवक को कुचल दिया। जहां हाथी का मूवमेंट है, वहां तीन कच्चे घरों को खाली करवा दिया गया है। वन विभाग के साथ-साथ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी हाथी पर निगरानी बनाए हुए हैं। आसपास के कच्चे घरों को खाली करवा लिया गया है। सुरक्षा के लिहाज से पक्के मकान में रहने वाले लोगों को मकानों की छतों पर जाने के लिए कह दिया गया है।
युवक को कुचलने के बाद 8 घंटे डटा रहा हाथी
युवक को कुचलने के बाद हाथी शव के इर्द-गिर्द ही आठ घंटे तक भटकता रहा। इसकी वजह से वन अमले एवं प्रशासनिक अधिकारियों को शव के पास जाने की हिम्मत नहीं हो सकी। एसडीएम ज्योति परस्ते ने बताया कि शव को शाम 5 बजे पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है।
रात भर रखी निगरानी
केशवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी अंकुर तिवारी ने बताया कि जब अनूपपुर से हाथियों को वन विभाग की टीम खदेड़ रही थी, उसकी सूचना हमें दी थी। शहडोल जिले के बॉर्डर बरगवा पर हम अपनी टीम के साथ खड़े होकर हाथी पर निगरानी रखे हुए थे। बुधवार रात तकरीबन 11 बजे के आसपास हाथी का एक बच्चा शहडोल जिले के बरगामा 18 पर पहुंच गया। हम रातभर उस पर निगरानी बनाए हुए थे।
सुरक्षा की अनदेखी हुई
उक्त घटना के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि जब बीती रात ही हाथी शहडोल जिले के बरगामा 18 में पहुंचा तो वन विभाग ने क्षेत्र में मुनादी क्यों नहीं कराई? कहा जा रहा है कि अगर मुनादी कराई होती और लोगों को सतर्क किया होता तो शायद युवक की जान बच सकती थी।