मुख्य नगर पालिका अधिकारी के कार्यालय में लगा ताला
शहडोल नगर पालिका के सीएमओ को गिरफ्तार करने के लिए इटारसी से पुलिस की टीम शहडोल पहुंची, लेकिन मुख्य नगर पालिका अधिकारी टीम को नहीं मिले। सीएमओ अक्षत बुंदेला पर कूटरचित फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासकीय राशि का दुरुपयोग करने का आरोप है, जिसके चलते न्यायालय ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इसके बाद इटारसी पुलिस शहडोल पहुंची और उनके कार्यालय व घर पर दबिश दी, लेकिन सीएमओ वहां मौजूद नहीं थे। बताया गया कि सीएमओ पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही छुट्टी लेकर कहीं चले गए।
दरअसल, नपा इटारसी के पूर्व राजस्व निरीक्षक संजीव श्रीवास्तव और सर्विस प्रोवाइडर राजा सैफी को न्यायालय द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद जेल भेज दिया गया है। इसी मामले से जुड़े तत्कालीन सीएमओ इटारसी एवं वर्तमान में शहडोल सीएमओ अक्षत बुंदेला और तत्कालीन उप रजिस्ट्रार आनंद पांडेय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। इटारसी पुलिस की टीम के एसआई अरविंद बेले और हेमंत तिवारी शहडोल स्थित सीएमओ अक्षत बुंदेला के आवास और कार्यालय पहुंची, लेकिन वे नहीं मिले।
बता दें कि इस मामले में प्लॉट खरीदने वाली शुभांगी रसाल के पति शंकर रसाल ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि प्लॉट खरीदने के बाद जब वे मौके पर पहुंचे, तो पता चला कि 81ए नंबर का कोई प्लॉट है ही नहीं। स्थानीय लोगों ने भी पुष्टि की कि नक्शे में दिखाया गया प्लॉट की जगह खाली नहीं है। इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय का रुख किया।
इटारसी थाना प्रभारी गौरव सिंह ने बताया कि न्यायालय ने सीएमओ अक्षत बुंदेला के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह मामला धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है। हमने अपनी टीम को शहडोल उनके ऑफिस और घर में तलाश करने के लिए भेजा था। लेकिन जब टीम वहां पहुंची, तो पता चला कि सीएमओ पहले ही छुट्टी लेकर कहीं चले गए हैं। हमारी टीम उनकी तलाश कर रही है।