साल के पहले दिन से ही शहडोल में चालक वर्ग सड़क पर उतर आया और विरोध प्रदर्शन करने लगा। मंगलवार को सुबह से ही कई पेट्रोल पंप टैंकर ना पहुंचने की वजह से बंद हो गए हैं। साथ ही साथ स्कूलों में चलने वाले वाहनों को भी चालाक नहीं चला रहे हैं। जिससे अब अभिभावक भी परेशान होते दिखाई दे रहे हैं। चालक वर्ग ने 1 तारीख को शहडोल जिले में हल्ला बोल प्रदर्शन किया और मुख्य हाइवे पर ट्रकों को खड़ा कर जाम लगा दिया।
जिसके बाद पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और समझाइए देने के बाद जाम को हटवाया गया। दूसरे दिन मंगलवार की सुबह से इसका काफी असर जिले में देखने को मिल रहा है। जिले में कई पेट्रोल एवं डीजल की टंकियां सोमवार की शाम ही बंद हो गई थी। मंगलवार की सुबह से कई पेट्रोल व डीजल की टंकी स्टॉक न होने से बंद हो गई हैं। मालिकों का कहना है कि डिपो से वाहन नहीं पहुंच पाने की वजह से स्टॉक खत्म हो गया है और पेट्रोल और डीजल न होने की वजह से टंकी बंद कर दी गई है।
यात्रियों ने बताई ऐसी परेशानी
चालकों की हड़ताल से जिले में यात्री बसों का संचालन बंद हो गया है। जिसके कारण सड़क मार्ग से आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंड शहडोल में कई यात्री बसों का इंतजार करते मिले जिनको नहीं मालूम था की बसों का संचालन बंद है। रोहिणी प्रसाद प्रजापति ने बताया कि उनको ब्योहारी जाना है, लेकिन बस नहीं मिल रही है। दिनेश मौर्य ने बताया कि रायपुर से आए हैं और उनको जिला सीधी जाना है, लेकिन वाहन नहीं मिल रहा है। कई निजी वाहन वालों से संपर्क किया तो बताया गया कि उनके पास डीजल नहीं है कैसे ले जाएं इस प्रकार अनेक यात्री परेशानी से जूझ रहे हैं।
पेट्रोल डीजल के कमी की वजह से नहीं मिल पा रहे निजी वाहन
पेट्रोल डीजल की कमी की वजह से अब यात्रियों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शहर के कई पेट्रोल पंप सूख गए हैं, कुछ पेट्रोल पंप खुले हुए हैं, लेकिन उसमें लिमिट में ही पेट्रोल व डीजल दिया जा रहा है। वाहन चालकों का कहना है कि पेट्रोल केवल 1 लीटर ही दिया जा रहा है एवं डीजल वाहनों में 5 लीटर दिया जा रहा है। यात्री अगर निजी वाहन कर भी रहे हैं तो डीजल पेट्रोल न मिलने की वजह से वह अपने घर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।