शहर के बीच पुराने भवन में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान मंगलवार को अचानक लोहे का गार्डर टूट गया। इसके साथ ही निर्माणाधीन हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा और वहां काम कर रहे दो मजदूर मलबे में दब गए। आसपास मौजूद लोगों और साथी मजदूरों ने किसी तरह दोनों को बाहर निकाला। हादसे में औढेरा निवासी हीरालाल रैदास और लाला सिंह घायल हुए हैं। घटना के बाद मौके पर पहुंची नगर पालिका की टीम ने भवन के खतरनाक हिस्से को जेसीबी से ढहा दिया।
घटना बस स्टैंड के पास मुख्य मार्ग किनारे स्थित एक पुरानी दो मंजिला इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान में हुई। बताया गया कि भवन काफी पुराना है और उसके भीतर दुकान का संचालन भी किया जा रहा था। इसी दौरान अंदर से तोड़फोड़ कर नए निर्माण का काम कराया जा रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान सुरक्षा इंतजाम भी पर्याप्त नहीं थे।
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हादसे के बाद भी काम जारी रखने की बात
घटना के भी बाद कुछ समय तक निर्माण कार्य जारी रहने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना नगर पालिका और कोतवाली पुलिस को दी। इसके बाद अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे और भवन में मौजूद लोगों को बाहर कराया गया। नगर पालिका ने मौके की स्थिति देखने के बाद पंचनामा तैयार किया और खतरे वाले हिस्से को मशीन की मदद से गिरा दिया।
मजदूर बोले- पहले ही दी थी चेतावनी
घायल मजदूरों ने बताया कि बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के निर्माण कार्य कराया जा रहा था। निर्माण से जुड़े ठेकेदार रामप्रीत के अनुसार भवन पर काम शुरू करने से पहले ही दुकान संचालक विजय बुधवानी को गार्डर पर ज्यादा भार पड़ने से उसके टूटने की आशंका बताई गई थी, इसके बावजूद काम जारी रहा। हादसे के बाद पुराने भवन में चल रहे निर्माण और अनुमति-संबंधी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।