लोग अक्सर किसी अधिकारी, दुकान का पता और फिर मोबाइल नंबर खोजने के लिए गूगल का उपयोग करते हैं। लेकिन, शहडोल में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो आपको ऐसा करने से पहले सोचने पर मजबूर कर सकता है। जहां, एक व्यक्ति ने डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल पर नंबर खोजा गया और वह ठगी का शिकार हो गया। रायपुर के एक निजी अस्पताल में डॉक्टर से अपॉइंटमेंट दिलाने के नाम पर उससे 96,998 रुपये रुपये ठग लिए गए। हालांकि, गनीमत यह रही कि साइबर सेल ने यह रुपये उसे वापस दिला दिए।
दरअसल, शहडोल के कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले गुलशन जयसिंघानी ने छत्तीसगढ़ के रायपुर के एक डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल पर उनका मोबाइल नंबर खोजा। गूगल से प्राप्त नंबर पर कॉल करने पर उन्हें बताया गया कि डॉक्टर की अपॉइंटमेंट के लिए गूगल फॉर्म भरना होगा। अगर, फॉर्म भरने में कोई परेशानी हो तो वे मदद करेंगे। गुलशन के मोबाइल पर एक फॉर्म आया, जिसमें आधार नंबर, मोबाइल नंबर, नाम और पते की पूरी जानकारी भरवाई गई।
फॉर्म सबमिट करने के बाद उन्हें कॉल आया कि डॉक्टर की अपॉइंटमेंट फीस जमा करनी होगी और यूपीआई के जरिए पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा गया। गुलशन ने गूगल पे के जरिए 500 रुपये की फीस जमा कर दी। इसके बाद उनके खाते से 20,000 और 10,000 रुपये के ट्रांजेक्शन के मैसेज लगातार आने लगे। इस तरह उनके खाते से 96,998 रुपये कट गए। इसके बाद गुलशन ने तुरंत बैंक जाकर अपने खाते पर रोक लगाई और शहडोल साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।
गुलशन की शिकायत पर साइबर सेल शहडोल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खाते में होल्ड लगवाया और राशि वापस कराई, जिसके बाद गुलशन ने राहत की सांस ली। पुलिस अधीक्षक शहडोल कुमार प्रतीक लोगों से अपील की है कि साइबर अपराध होने पर 1930 और NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और तुरंत साइबर सेल को सूचित करें। सेक्सटॉर्शन, फेक ट्रेडिंग, फेक लोन ऐप और ऑनलाइन गेमिंग से संबंधित साइबर अपराधों से बचें। किसी संस्था का कॉन्टैक्ट नंबर गूगल से न खोजें, बल्कि संस्था की आधिकारिक वेबसाइट या पहचान से ही कॉन्टैक्ट नंबर प्राप्त करें।