शहडोल के शारदा ओपन कास्ट माइंस में लामबंद बेरोजगारों के आक्रोश की ज्वाला सोमवार की सुबह से धधक उठी है। लामबंद बेरोजगारों ने रोजगार देने और मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराए जाने के लिए धरना प्रर्दशन करने के साथ ही काम बंद किए जाने की चेतावनी कालरी प्रबंधन को दे डाली है। इस धरना प्रदर्शन में नगरवासी स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय बेरोजगार शामिल हैं।
बता दें कि बकहो क्षेत्र अंतर्गत स्थित औद्योगिक क्षेत्र शारदा ओपन कास्ट से बकहो के रहवासियों को कोई भी लाभ नहीं मिल रहा है। जबकि परियोजना प्रभावित किसानों एवं आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। परन्तु वर्तमान में बकहो के युवा बेरोजगारों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में पत्राचार के माध्यम से साउथ ईस्टर्न कोल फील्डस लिमिटेड सोहागपुर को अवगत कराया गया था, जिसमें उल्लेख किया गया कि शासन के नियमानुसार परियोजना प्रभावित क्षेत्र में लोगों को 70 प्रतिशत वरियता बतौर रोजगार की व्यवस्था की जाती है। परंतु आज तक महाप्रबंधक द्वारा बकहो क्षेत्र के युवा बेरोजगारों के संबंध में कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है।
अधिकांश कार्यरत कर्मचारी बकहो क्षेत्र के बाहर के हैं, जो शारदा ओसीएस में नौकरी कर रहे हैं। इस सिलसिले में पूर्व में भी महाप्रबंधक को अवगत कराया गया था। बावजूद इसके निर्धारित समय में बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ने की कोई पहल नहीं की गई है। अनशन कारियों ने बताया कि बकहो नगर परिषद क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट, तालाब और पीने के पानी हेतु हैंडपंप, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हेतु कालरी प्रबंधन की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। इन्हीं सब कारणों के चलते लामबंद लोगों ने अनशन की राह अपना ली है।