जिले के देवलोंद थाना क्षेत्र के चंदोली में खेत में घुसे एक नर हाथी की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बोरवेल के पास फैले करंट की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है, जिससे आसपास के ग्रामीणों में भी चिंता बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस और ग्रामीण भी घटनास्थल पर मौजूद हैं।
लंबे समय से क्षेत्र में मौजूद हैं हाथी
देवलौंद और बाणसागर क्षेत्र के आसपास के जंगलों और पहाड़ी इलाकों में पिछले कुछ वर्षों से एक दर्जन से अधिक हाथियों का झुंड मौजूद बताया जा रहा है। ऐसे में मृत हाथी उसी झुंड का हिस्सा है या कहीं से दूसरे क्षेत्र में आया था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। वन विभाग के अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं। अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
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एक दिन पहले ग्रामीणों ने बताई थी परेशानी
गौरतलब है कि एक दिन पहले बाणसागर अंतर्गत जगमल पंचायत के ग्राम सेझहरी में हाथियों के झुंड की मौजूदगी से परेशान ग्रामीणों की समस्या सामने आई थी। ग्रामीणों के अनुसार शाम होते ही हाथियों का झुंड गांव के आसपास पहुंच जाता है और कच्चे मकानों व फसलों को नुकसान पहुंचाता है। हाथियों की आवाजाही के दौरान बिजली बंद कर दी जाती है, जिससे गांव में अंधेरा छा जाता है। ऐसे में ग्रामीण लाठी और मशाल लेकर रातभर पहरा देने को मजबूर हैं।
हाथी की मौत ने खड़े किए सवाल
ग्रामीणों ने हाथियों को सुरक्षित स्थान पर भेजने और नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की थी। अब हाथी की मौत के बाद क्षेत्र में वन विभाग की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की रात्रिकालीन आवाजाही को देखते हुए प्रभावी निगरानी जरूरी है। मामले में डीएफओ तरुणा वर्मा ने कहा चचाई क्षेत्र में हाथी की मौत हुई है। हाथी की मौत का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।