Shahdol: जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था इन दिनों पूरी तरीके से चरमरा गई है। अस्पताल के डॉक्टर एवं स्टाफ की मानवता भी खत्म होती जा रही है। इस मानवहीनता का प्रत्यक्ष प्रमाण शुक्रवार की शाम जिला अस्पताल के प्रस्तुति वार्ड में देखने को मिला। जहां गोहपारु क्षेत्र के ग्राम बरेली निवासी चंद्रावती अपने घर से 35 किलोमीटर का ऑटो मे सफर तय कर अस्पताल पहुंची, लेकिन डॉक्टर ने बिना देखें उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया।
शहडोल जिला अस्पताल के प्रस्तुति वार्ड में एक अजब मामला सामने आया है। यहां इलाज के लिए आई एक प्रसूता को बिना देखे डॉक्टर ने दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि उसे गोहपारु से सरकारी एम्बुलेंस तक नसीब नहीं हुई। लेकिन जिला अस्पताल आने के बाद उस समय ड्यूटी में कोई भी डॉक्टर उक्त वार्ड में मौजूद नहीं था। प्रसूता 2 घंटे से दर्द से तड़प रही थी, लेकिन उसे देखने के लिए कोई नहीं आया। वह लगभग आठ माह कि गर्भवती थी।
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2 घंटे के बाद आए डॉक्टर
इधर, परिजनों का कहना है कि 7 बजे वह जिला अस्पताल शहडोल पहुंचे थे। प्रसूता महिला को काफी दर्द हो रहा था, लेकिन 2 घंटे तक वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे। रात 9 बजकर 15 बजे एक डॉक्टर आए। कुछ उम्मीद जागी, लेकिन डॉक्टर ने बिना देखे उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि बताया जा रहा है कि जिला चिकित्सालय में शुक्रवार रात दो घंटे तक उपचार में तड़पने के बाद प्रसूता को परिजनों द्वारा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां बीती रात लगभग 11 बजकर 30 मिनट पर उसका सुरक्षित प्रसव कराया गया।