शहडोल जिले में पिछले 48 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच बाणसागर बांध में जलभराव बढ़ने के बाद शनिवार दोपहर 12 बजे 18 में से 12 गेट खोल दिए गए। कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश और बांध में बढ़ती आवक को देखते हुए जल निकासी बढ़ाई गई है। करीब 6 साल बाद ऐसी स्थिति बनी है, जब बांध के 12 गेट एक साथ खोले गए हैं। प्रशासन और बांध प्रबंधन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
26 सितंबर को दोपहर 12 बजे बाणसागर बांध का जलस्तर 341.64 मीटर दर्ज किया गया, जो बांध के पूर्ण जलभराव स्तर 341.64 मीटर के बराबर है। बांध में 5429.60 एमसीएम जल भंडारण है और जलभराव 100 प्रतिशत है। कैचमेंट क्षेत्र से बांध में 7525.73 क्यूमेक्स पानी की आवक हो रही है। इतनी ही मात्रा में पानी की निकासी दर्ज की गई है। बांध के 12 रेडियल गेट क्रमांक 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14 और 15 को तीन-तीन मीटर खोला गया है। इन गेटों से स्पिलवे के जरिए 7243 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा पावर हाउस, हेड रेगुलेटर, आरबीसी और भितरी से भी पानी की निकासी हो रही है।
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जिले में 35.4 मिमी औसत बारिश
26 सितंबर को जिले में औसतन 35.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सोहागपुर में सबसे अधिक 53 मिमी, बुढ़ार में 49 मिमी, गोहपारू में 37 मिमी, जैतपुर और चनौढ़ी में 31-31 मिमी, जयसिंहनगर में 27 मिमी और ब्यौहारी में 20 मिमी बारिश हुई। जिले में 26 सितंबर तक कुल औसत वर्षा 1205 मिमी पहुंच गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 1101.7 मिमी बारिश दर्ज हुई थी।
लगातार बारिश से जिले के नदी-नालों में पानी बढ़ रहा है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। गणेश विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं से सोन नदी और अन्य जलस्रोतों के किनारे जाने से बचने तथा नदी के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। बाणसागर प्रबंधन जलस्तर और आवक पर लगातार नजर बनाए हुए है।