सोहागपुर थाना क्षेत्र के छतवई गांव में आदिवासी महिलाओं के नाम पर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन निकालने का मामला सामने आया है। कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की मांग को लेकर शनिवार को ग्रामीणों ने शहडोल-रीवा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। पुलिस ने कियोस्क संचालक ओमकार जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है।
शिकायत के अनुसार, कियोस्क संचालक पर अवंति फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ मिलीभगत कर आदिवासी महिलाओं के नाम पर 30-30 हजार रुपये का लोन स्वीकृत कराने का आरोप है। आरोप है कि लोन की रकम महिलाओं को देने के बजाय दूसरे लोगों के खातों में भेजकर निकाल ली गई। इसके बाद महिलाओं पर कर्ज की किस्तें चुकाने का दबाव बनाया जाने लगा।
अंगूठा लगवाकर दस्तावेजों के दुरुपयोग का आरोप
मामले की शिकायत 60 वर्षीय मुन्नी बाई बैगा ने पुलिस से की है। उन्होंने बताया कि एक आंख खराब होने के कारण वह काम करने में असमर्थ हैं। मजदूरी और बैगा विकास योजना की राशि निकालने के लिए वह कियोस्क पर जाती थीं। आरोप है कि इसी दौरान आधार कार्ड लेकर उनका अंगूठा लगवाया गया और उनकी जानकारी के बिना दस्तावेजों का दुरुपयोग कर लोन निकाल लिया गया।
पढ़ें: कमलनाथ का सरकार पर हमला, बोले- मदद की पेशकश भी की; भाजपा ने किया पलटवार
करीब दो महीने पहले जब फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी किस्त मांगने पहुंचे, तब उन्हें अपने नाम पर कर्ज होने की जानकारी मिली। शिकायत में गांव की 27 अन्य महिलाओं के नाम पर भी इसी तरह लोन निकाले जाने का आरोप लगाया गया है।
कार्रवाई की मांग को लेकर चक्काजाम
शनिवार को पीड़ित महिलाओं और ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई, गिरफ्तारी और रकम वापस दिलाने की मांग को लेकर शहडोल-रीवा मार्ग पर प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर सोहागपुर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद पुलिस ने कियोस्क संचालक ओमकार जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया।
थाना प्रभारी आरपी रावत के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।