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11 पन्नों की गुमनाम चिट्ठी ने भय्यूजी की मौत के खोले कई राज, डीआईजी ने दिए जांच के आदेश

Fri, 29 Jun 2018 11:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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bhaiyyu maharaj
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संत भय्यूजी  महाराज की खुदकुशी करने के सारे तार उनकी पत्नी डॉ. आयुषी की तरफ मुड़ने लगे हैं। डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र के पास बृहस्पतिवार को एक गुमनाम खत पहुंचा है जिसमें आयुषी पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। खत में लिखा है कि जिस दिन से  डॉ. आयुषी से भय्यू जी ने शादी की उसके बाद से ही उनकी जिंदगी में उथल-पुथल शुरू हो गई थी। आयुषी ने जहां भय्यूजी को परिवार वालों से अलग करना शुरू कर दिया था वहीं  बेटी कुहू से भी दूरी बनाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया था।

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पत्र में आरोप लगाया गया है कि उसकी नजरें उनकी प्रॉपर्टी और कैश पर भी थी। यह सारे आरोप डॉ. आयुषी पर उस खत में लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि 11 पन्नों का यह पत्र महाराज के सेवादार ने ही भेजा है। पत्र में आश्रम और परिवार की गोपनीय बातों का भी उल्लेख किया गया है।   

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पत्र की सत्यता जांचने के आदेश दे दिए गए हैं। बता दें कि डीआईजी हरिनारायणचारी को यह पत्र बृहस्पतिवार को मिला है। पत्र में लिखा है कि वह भय्यू महाराज का विश्वसनीय सेवादार है लेकिन उसकी हत्या की जा सकती है इसलिए उसने अपना नाम नहीं बताया है। उसने पत्र में लिखा है कि वह महाराज का सच्चा सेवादार था और उनकी मौत का राज जानता है। और वह चाहता है कि भय्यूजी को मौत तक पहुंचाने वाले को सजा मिले। 

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इस गुप्त सेवादार ने यह भी लिखा है कि भय्यू महाराज पिछले दो साल से मानसिक तनाव में थे। डॉ. आयुषी से शादी के बाद से ही वह काफी अकेलापन  महसूस करने लगे थे। उनकी दूसरी पत्नी  उनके हर काम में दखलअंदाजी करने लगी थीं। उन्होंने आश्रम आना भी कम कर दिया था। यही नहीं वह उनके रिश्तेदारों से मिलने जुलने पर भी पाबंदी लगाने लगी थी। 

पत्र में इस बात का खुलासा भी किया गया है कि आयुषी महाराज की पहली पत्नी माधवी की चर्चा होने पर भड़क जाया करती थीं। यही नहीं उन्होंने घर में लगी उनकी सारी तस्वीरों को भी हटवा दिया था। 11 पन्नों के पत्र में सेवादार ने आयुषी और भय्यू के परिवार से जुड़े कई राज से पर्दा उठाया है। जिसमें लिखा है कि भय्यू इतने तनाव में थे कि उन्होंने आखिरकार मौत को गले लगा लिया। बता दें कि भय्यू जी 12 जून को अपने इंदौर स्थित सिल्वर स्प्रिंग टाउनशिप में अपने बंगले पर कनपटी पर गोली मार जीवनलीला समाप्त कर ली थी। 

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