प्रदेश के बहुचर्चित सिवनी हवाला लूटकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। जेल में बंद सीएसपी पूजा पांडेय के मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट में सामने आया है कि 8 अक्तूबर की रात 11:14 बजे उन्हें डीएसपी पंकज मिश्रा से हवाला रकम नागपुर ले जाए जाने की सूचना मिली थी। इसके तीन मिनट बाद 11:17 बजे ही पूजा ने अपने जीजा वीरेंद्र दीक्षित से फोन पर बातचीत की।
रिपोर्ट के मुताबिक 8 अक्तूबर की रात से अगले 24 घंटों के भीतर पूजा पांडेय ने जीजा वीरेंद्र दीक्षित से कुल 53 बार संपर्क किया। इसमें 10 कॉल वारदात से पहले और 43 कॉल वारदात के बाद हुए। पूजा और वीरेंद्र के बीच की चैट भी रिकवर हुई है। रात 2:02 से सुबह 4:03 बजे के बीच भेजे गए मैसेज में वीरेंद्र ने लिखा— 30:70 में नहीं मानना, वो लोग मान जाएंगे… जल्दी करो, थोड़ा जल्दबाजी दिखाओगे तो काम हो जाएगा।
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कांफ्रेंस कॉल कर रची साजिश
इसके अलावा 9 अक्तूबर को वारदात में शामिल तीन पुलिसकर्मियों से भी वीरेंद्र ने नौ बार फोन पर बात की।फोरेंसिक रिपोर्ट में जबलपुर के खिलौना कारोबारी पंजू गोस्वामी और क्राइम ब्रांच आरक्षक प्रमोद सोनी के बीच 25 कॉल्स दर्ज हैं। इसी दौरान पंजू, प्रमोद और डीएसपी पंकज मिश्रा ने कांफ्रेंस कॉल पर भी बातचीत की।
पंजू ने दी थी जानकारी
गौरतलब है कि रात 8-9 अक्तूबर की दरमियानी रात पंजू ने प्रमोद सोनी को बताया था कि 2 करोड़ 96 लाख रुपये की हवाला राशि सिवनी के रास्ते नागपुर भेजी जा रही है। प्रमोद ने यह सूचना डीएसपी पंकज मिश्रा को दी और फिर मिश्रा ने पूजा पांडेय को खबर दी। पूजा पांडेय पर 10 अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर 1.47 करोड़ रुपये की लूट का आरोप है। इस मामले में पूजा सहित 11 पुलिसकर्मी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके बाद 18 नवंबर को डीएसपी पंकज मिश्रा, आरक्षक प्रमोद सोनी, पंजू गोस्वामी और वीरेंद्र दीक्षित को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
जमानत सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक नेतराम चौरसिया ने फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट में तर्क रखा। इसी के बाद कोर्ट ने 25 नवंबर को पंजू गोस्वामी और वीरेंद्र दीक्षित की जमानत याचिका खारिज कर दी।