बाघिन का किया गया अंतिम संस्कार
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पेंच नेशनल पार्क के रुखड़ बफर क्षेत्र में शनिवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने वन विभाग को हिला कर रख दिया। रुखड़ बीट के मासूरनाला इलाके में गश्त कर रहे दल को तेज दुर्गंध ने सतर्क किया। जांच करने पर नाले की रेत में आंशिक रूप से दबा हुआ एक बाघिन का शव बरामद हुआ। टाइगर रिजर्व के फोटो डेटाबेस से उसकी पहचान बाघिन पीएन-42 के रूप में हुई, जो 2016 में पहली बार कैमरा ट्रैप में कैद हुई थी। उस समय उसकी उम्र करीब 2-3 वर्ष थी और अब वह लगभग 12 साल की हो चुकी थी।
प्राकृतिक मौत या कोई साजिश?
वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व में एनटीसीए प्रोटोकॉल के तहत शव का पोस्टमार्टम किया गया। प्रारंभिक जांच में बाघिन के शरीर पर न तो जहर, करंट और न ही गोली लगने के कोई निशान मिले। इससे उसकी प्राकृतिक मौत का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, मामला यहीं खत्म नहीं होता। पोस्टमार्टम के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। बाघिन के चारों पंजे कुल्हाड़ी या किसी धारदार हथियार से काटे गए थे और तीन कैनाइन दांत भी गायब थे। इस हरकत से वन्यजीव अपराध की आशंका गहरा गई है।
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10 हजार रुपये का इनाम
पेंच टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक देवप्रसाद ने इस अपराध के पीछे जिम्मेदार लोगों को पकड़वाने में मददगार सूचना देने पर 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। वन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और हर पहलू से पड़ताल जारी है।
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
यह घटना न केवल पेंच नेशनल पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के लिए भी गंभीर चेतावनी है। आखिर कौन हैं वे लोग, जिन्होंने मृत बाघिन के साथ ऐसी क्रूरता की? क्या यह किसी तस्करी गिरोह की करतूत है? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। पेंच टाइगर रिजर्व, जो बाघों के संरक्षण के लिए विश्व प्रसिद्ध है, अब इस सनसनीखेज मामले के चलते सुर्खियों में है। वन्यजीव प्रेमी और स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हमारी नजर इस जांच पर बनी हुई है।