सिवनी के लखनादौन नगर परिषद के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों के आवंटन में करीब 83 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला उजागर हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने जांच के बाद नगर परिषद अध्यक्ष मीना बलराम गोल्हानी, दो पूर्व सीएमओ सहित कुल 23 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर दुकानों का आवंटन किया गया, जिससे शासन को भारी राजस्व हानि हुई।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
नियमों की अनदेखी
नगर परिषद ने चट्टी से बस स्टैंड मार्ग पर आठ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में 75 दुकानों का निर्माण कर नीलामी की थी। नियमों के अनुसार, सफल बोलीदाता को 21 दिनों के भीतर 25 प्रतिशत राशि जमा करना अनिवार्य था। 120 दिनों के भीतर शेष राशि जमा करनी थी। विधिवत अनुबंध निष्पादित कर मासिक किराया तय किया जाना था। जांच में सामने आया कि इन प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।
आरक्षित दुकान के आवंटन पर भी सवाल
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
ईओडब्ल्यू ने भारतीय दंड संहिता की धारा 409 और 120बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी), 13(1)(ए) और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
आरोपियों में गजेन्द्र पाण्डे, गीता वाल्मीक (दोनों पूर्व सीएमओ), रवि झारिया (राजस्व उप निरीक्षक), मीना बलराम गोल्हानी (अध्यक्ष), देवकी शिवकुमार झारिया, संगीता संजय गोल्हानी, वर्षा श्रीकांत गोल्हानी, अनीता संदीप जैन, सविता गोलू कुमरे सहित कुल 23 लोग शामिल हैं।
आगे की कार्रवाई
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच जारी है। आवश्यक साक्ष्य मिलने पर आरोपियों की गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।